कलेक्ट्रेट परिसर में 13.85 करोड़ रुपया लागत से नई तहसील भवन का आज पूर्ण विधि विधान के साथ दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने किया भूमि पूजन। 

कलेक्ट्रेट परिसर में 13.85 करोड़ रुपया लागत से नई तहसील भवन का आज पूर्ण विधि विधान के साथ दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने किया भूमि पूजन।

तीन तल के बनने वाले इस भवन का निर्माण कार्य 18 माह में होगा पूरा।

चंपावत। मॉडल जिले में रोज विकास की नई कड़ियां जुड़ती जा रही हैं। आज कलेक्ट्रेट परिसर में 14.69 करोड रुपए लागत से तहसील भवन की आधारशिला रखी गई।

मुख्य अतिथि के रूप में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहां कि यह चंपावत के लोगों का सौभाग्य रहा कि उन्हें ईश्वर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जैसे व्यक्ति का नेतृत्व मिला है। जो अपनी परिकल्पना के अनुसार चंपावत को ऐसा मॉडल जिला बनाने की ऐसी सोच रही है। जहां से हिमालयी राज्यों के लोग यहां का अनुसरण कर सके। उन्होंने कहा कि यह तहसील भवन मॉडल जिले के विकास में नई सोच के साथ काम करेगा। श्री पांडे ने धार्मिक अनुष्ठान के साथ तहसील भवन का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर भवन निर्माण कर रही एस आर इंफ्रास्ट्रक्चर की तरफ से विवेक अग्रवाल, राजेश चौहान, सूर्य देव सिंह, राकेश मांगलिक एवं कार्यदाई संस्था पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक जीसी पंत, साइड अभियंता दिनेश भट्ट एवं अन्य लोगों द्वारा उनका भावपूर्ण स्वागत किया गया। श्री पंत ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा तहसील भवन के निर्माण के लिए 16 नाली भूमि उपलब्ध की गई है। तहसील भवन में एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, वीसी हॉल के अलावा अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध की गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण निगम अपनी उच्च गुणवत्ता एवं समय से इस निर्माण कार्य को पूरा करेगा।

इससे पूर्व जिलाधिकारी मनीष कुमार द्वारा कार्य स्थल का निरीक्षण कर कार्यदाई संस्था को विशेष निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं निर्धारित समय में इसका निर्माण कार्य करना सुनिश्चित करें। भूमि पूजन कार्यक्रम में में मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी एस खाती, लो नि वी अधिशासी अभियंता एमसी पलडिया, आईसीडी के ईई तरुण बंसल, लघु सिंचाई के विमल सूठा, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार समेत कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी मौजूद थे। भूमि पूजन में विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता अंबादत्त फुलारा, सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन चिलकोटि, कैलाश अधिकारी, आशा मांगलिक भी शामिल थी।

Jaya punetha editor in chief ।

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