जन-जन की सरकार’ अभियान बना लोगों के भरोसे का प्रतीक।

चंपावत 01 जून 2026

*जन-जन की सरकार’ अभियान बना लोगों के भरोसे का प्रतीक*

*मा.मुख्यमंत्री की परिकल्पना हो रही साकार, बिना दफ्तरों के चक्कर काटे सीधे हाथों में मिली आर्थिक सहायता*

*जन-जन की सरकार’ कैंपों का दिखा असर, सीएम के निर्देश पर 68 पात्रों को जिलाधिकारी ने सौंपे चेक*

मा.मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और विकास की पंक्ति में अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सीधे लाभ पहुंचाने की परिकल्पना चम्पावत जनपद में पूरी तरह धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम आम जनता के अटूट भरोसे का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है।

इस विशेष अभियान के तहत लगे विभिन्न कैंपों के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जिन जरूरतमंद लोगों ने अपनी समस्याओं और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया था, उन पर मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित और संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित की है।

इसी क्रम में जनपद के जरूरतमंद एवं पात्र नागरिकों को त्वरित राहत और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिला सभागार चम्पावत में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के अंतर्गत स्वीकृत सहायता राशि के चेकों का वितरण किया गया, जिसने पीड़ित और जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करते हुए संकट के इस समय में उन्हें एक बहुत बड़ा संबल प्रदान किया है।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने 68 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य जनसामान्य तक सभी कल्याणकारी योजनाओं तथा आर्थिक सहायता का लाभ अत्यंत सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें और सहायता राशि बिना किसी प्रशासनिक देरी के सीधे उपलब्ध हो सके, इसी जन-हितैषी उद्देश्य के साथ आज स्वीकृत धनराशि सीधे पात्र लोगों के हाथों में सौंपी गई है।

प्रक्रिया की उच्च पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि ‘जन-जन की सरकार’ अभियान, जनता मिलन कार्यक्रमों और ‘जन समर्पण पोर्टल’ के माध्यम से प्रशासन को लगातार प्रार्थना पत्र और आवेदन प्राप्त हो रहे थे। जिला प्रशासन की पूरी टीम द्वारा इन सभी प्राप्त आवेदनों का अत्यंत बारीकी और तत्परता से परीक्षण किया गया, जिसके बाद पूरी तरह पात्र पाए गए व्यक्तियों को ही मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इस विशेष सहायता के लिए चुना गया।

उन्होंने आम जनता को भरोसा दिलाया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप भविष्य में भी पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को इस प्रकार की आर्थिक सहायता निरंतर प्रदान की जाती रहेगी ताकि कोई भी असहाय नागरिक सरकार की मुख्यधारा से अछूता न रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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