*पीएम–अजय योजना से अनुसूचित जाति वर्ग को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर*।

चम्पावत 12 जनवरी, 2026

*पीएम–अजय योजना से अनुसूचित जाति वर्ग को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर*

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार एवं आजीविका सृजन हेतु ऋण सुविधा प्रदान की जा रही है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी चम्पावत ने बताया कि महाप्रबंधक, उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जनपद चम्पावत में कुल 30 लाभार्थियों का चयन निर्धारित किया गया है।

योजना के अंतर्गत निर्धारित परियोजनाओं हेतु पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से ऋण आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।

आवेदकों को प्रत्येक परियोजना एवं लागत के अनुसार 10-10 आवेदन पत्र पूर्ण दस्तावेजों सहित 15 जनवरी 2026 तक संबंधित कार्यालय में जमा करने होंगे।

प्राप्त आवेदनों में से पात्र लाभार्थियों का चयन जनपद स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत भैंस पालन एवं खच्चर पालन परियोजनाओं की लागत ₹1.00 लाख प्रति योजना निर्धारित है, जिनके लिए प्रत्येक योजना में 05-05 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

वहीं गाय पालन एवं बकरी पालन परियोजनाओं की लागत भी ₹1.00 लाख प्रति योजना रखी गई है, जिनके लिए प्रत्येक योजना में 10-10 लाभार्थियों का चयन प्रस्तावित है।

आवेदन हेतु आवेदक का जनपद चम्पावत का स्थायी निवासी होना, अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना तथा आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होना अनिवार्य है। आय सीमा निर्धारित नहीं है, किंतु वार्षिक आय ₹2.50 लाख से कम वाले परिवारों के आवेदकों को चयन में वरीयता दी जाएगी। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, वोटर आईडी, परिवार रजिस्टर एवं राशन कार्ड शामिल हैं।

आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी बैंक, सरकारी संस्था अथवा ग्रामीण बैंक का डिफॉल्टर/अशोधी नहीं होना चाहिए, जिसके लिए शपथ पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि यह योजना अनुसूचित जाति समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पात्र एवं इच्छुक व्यक्ति निर्धारित तिथि तक आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं।

Jaya punetha editor in chief ।

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