मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना का ‘पर्यटन हब’ बनेगा चम्पावत।

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*चम्पावत, 02 जून 2026

*मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना का ‘पर्यटन हब’ बनेगा चम्पावत*

*जिलाधिकारी ने ली पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक*

*स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए दीन दयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना के तहत किया जा रहा अनुदान और पंजीकरण*

*पर्यटन स्वरोजगार एवं होम-स्टे योजनाओं के आवेदनों की स्क्रीनिंग बैठक सम्पन्न*

*जिलाधिकारी ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मानकों के अनुपालन पर दिया विशेष जोर*

*हिमाद्री एम्पोरियम को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विकसित किये जाने के दिए निर्देश*

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के चम्पावत को एक आदर्श ‘पर्यटन हब’ के रूप में विकसित करने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद चम्पावत में पर्यटन की असीम संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय निवासियों व युवाओं को सीधे स्वरोजगार से जोड़ने हेतु विस्तृत समीक्षा की गयी।

इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशन में पर्यटन विभाग द्वारा होम-स्टे की स्थापना, पंजीकरण और सरकारी अनुदान (Subsidy) का लाभ उठाने के लिए आवश्यक नियमों व अनिवार्य शर्तों को विस्तार से बताया गया, ताकि योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक लाभार्थियों को इसका लाभ मिले।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा जिला सभागार में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना तथा दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) योजना की जिला स्तरीय स्क्रीनिंग एवं चयन समिति बैठक की गई।बैठक में प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत समीक्षा की गयी।

जिलाधिकारी ने आवेदकों को संबोधित करते हुए कहा कि योजनाओं के माध्यम से प्राप्त ऋण एवं वित्तीय सहायता का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि लाभार्थी योजनाओं का पूर्ण लाभ उठाते हुए स्वरोजगार के सफल मॉडल स्थापित करें, जिससे जनपद में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हों।

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के अंतर्गत प्रस्तावित सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि लाभार्थी जिस उद्देश्य के लिए ऋण प्राप्त कर रहे हैं, उसका उपयोग उसी कार्य में करें ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी श्रीमती लता बिष्ट ने बताया कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत गैर-वाहन मद में 3 तथा वाहन मद में 3 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं दीन दयाल उपाध्याय होम-स्टे योजना के तहत 18 आवेदन प्राप्त हुए हैं।जिलाधिकारी द्वारा आवेदको का साक्षात्कार लेकर आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये आवेदन स्वीकृत हेतु सम्बन्धित विभाग को आवश्यक अग्रिम कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।

आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान चम्पावत जनपद के ट्रैकिंग रूट्स और होम-स्टे योजना को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ‘ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर योजना’ के अंतर्गत रणनीति तैयार की गई है।

जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद के ऐसे दूरस्थ व महत्वपूर्ण गांव, जहां से किसी पर्यटन या धार्मिक स्थल के लिए दो से तीन ट्रैकिंग रूट गुजरते हैं, उन्हें तुरंत चिन्हित कर सूची जल्द से जल्द पर्यटन मुख्यालय भेजी जाए, ताकि इन गांवों को ‘ट्रैकिंग क्लस्टर या सेंटर’ के रूप में अधिसूचित (Notify) कराया जा सके।

इन गांवों के अधिसूचित होने से स्थानीय निवासियों को अपने घरों को होम-स्टे में बदलने के लिए शासन से विशेष अनुदान (Subsidy) और वित्तीय सहायता आसानी से मिल सकेगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों व ट्रेकर्स को ठहरने की बेहतर सुविधा मिलेगी और स्थानीय युवाओं को गांव में ही रोजगार मिलने से पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि हिमाद्री एम्पोरियम को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार के इस मंच के जरिए स्थानीय दस्तकारों, बुनकरों एवं ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, हथकरघा तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने के साथ-साथ स्वरोजगार और ग्रामीण आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, लीड बैंक अधिकारी अमर सिंह ग्वाल, आरसेटी निदेशक प्रियांशु मैठाड़ी, जिला उद्योग केंद्र से सुमेधा पंत, एसडीओ वन सुनील कुमार, पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।