टीबी मुक्त चम्पावत के लक्ष्य को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा,100 डेज टीबी मुक्त कैंपेन में तेजी लाने के निर्देश।

चम्पावत, 02 जून 2026

*टीबी मुक्त चम्पावत के लक्ष्य को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा,100 डेज टीबी मुक्त कैंपेन में तेजी लाने के निर्देश*

भारत सरकार एवं उत्तराखण्ड सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद चम्पावत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में 100 डेज टीबी मुक्त कैंपेन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की प्रगति, टीबी मरीजों की पहचान, उपचार, पोषण सहायता तथा जनजागरूकता गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है। यदि समय पर इसकी पहचान और उपचार हो जाए तो मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीबी के संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को जांच और उपचार से वंचित न रखा जाए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में उपलब्ध एक्स-रे मशीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग और जांच की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाकर अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। साथ ही जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देशित किया कि टीबी मरीजों के लिए निक्षय पोषण किट की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए।ताकि उपचार के दौरान मरीजों को आवश्यक पोषण सहायता मिल सके।

जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जनपद में सभी विभागों एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान को जनआंदोलन का रूप दिए जाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से गांव स्तर तक जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने तथा लोगों को टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने को कहा।

बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सोनाली मंडल ने अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में निक्षय मित्र योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इसके लिए टीबी पीड़ितों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से शिविर आयोजित कर टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों तथा संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी जांच कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद के लगभग 200 गांवों को टीबी मुक्त गांव बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण, स्क्रीनिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के 315 गांवों में सघन टीबी स्क्रीनिंग एवं टेस्टिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिससे संभावित मरीजों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार शुरू किया जा सके।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट यतिन, मेडिकल ऑफिसर डीटीसी डॉ. विनय यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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