शराब के बीना बारात अधुरी मानने वाले लोग भूल जाते है कि इसके नतीजे कितने भयावह हो सकते हैं। बागधारा दुर्घटना में भी वही हुआ जिसकी पहले से ही आशंका थी – पुलिस अधीक्षक ।

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शराब के बीना बारात अधुरी मानने वाले लोग भूल जाते है कि इसके नतीजे कितने भयावह हो सकते हैं। बागधारा दुर्घटना में भी वही हुआ जिसकी पहले से ही आशंका थी – पुलिस अधीक्षक

बारात की वापसी में मौत की सवारी बनी UK04 TV 2074—पांच की मौत, कई गंभीर; समाज और सिस्टम कब जागेगा ?

लोहाघाट। लोहाघाट से लगभग 25 किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ मार्ग पर बागधारा के पास हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर वही कड़वा सच सामने ला दिया है—नशे में वाहन चलाना अब बारातों का अवांछित लेकिन स्थायी हिस्सा बन चुका है। इस हादसे में पांच लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि कई लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। दुर्घटनाग्रस्त वाहन UK04 TV 2074 बबलू की बारात को दुल्हन के घर से वापस अपने गांव ले जा रहा था। शुक्रवार देर रात करीब 9:30 बजे बारात रवाना हुई थी, लेकिन रात के ढ़ाई बजे बारात की उक्त गाड़ी सभी सवारियों को साथ लेकर गहरी खाई में लुढ़क गई। घटनास्थल पर यदि क्रश बैरियर लगा होता तो मौत को टाला जा सकता था लेकिन नियति को दुसरा ही खेल खेलना था दिल्ली से आए दुल्हा के रिश्तेदार उस वाहन को चला रहे थे जिसमें दुल्हा दुल्हन बैठे थे। वे अपनी पत्नी और दो बेटों को इसी मौत की सवारी में बैठा गए थे। दुर्घटना ने उनका संसार छीन लिया—पत्नी और बड़ा बेटा मौके पर ही मृत हो गए और छोटा बेटा अस्पताल में मां के साए को तलाश रहा है।

बारातों में नशा करना एक ‘रिवाज’ सा बन चुका है। शराब के बिना बारात ‘अधूरी’ मानने वाले लोग भूल जाते हैं कि इसके नतीजे कितने भयावह हो सकते हैं। हादसे के बाद परिवार रो रहे हैं, किस्मत को कोस रहे हैं, पर कोई यह नहीं पूछ रहा कि—आखिर ऐसी दुर्घटनाओं को रोका कैसे जाए ?

नशे में था वाहन चालक—एसपी; विस्तृत जांच के आदेश

“समाज की जागरूकता ही रोक सकती है ऐसी त्रासदियां” — एसपी अजय गणपति।

चंपावत के पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वाहन चालक नशे में था। पुलिस की टीम ने मौके से मिले सबूतों के आधार पर यह आशंका पुख्ता की है। चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

एसपी ने बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस ने सख्त नाकेबंदी की है और पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष नशेड़ी चालकों के 40 प्रतिशत अधिक चालान किए गए हैं। इस घटना के बाद रात्रिकालीन बारातों में विशेष चेकिंग और बढ़ाई जाएगी तथा संबंधित चौकियों को भी उत्तरदायी माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि “बारातों में होने वाली दुर्घटनाएं सिर्फ पुलिस नहीं, समाज भी रोक सकता है। हर घर से यह संदेश निकलना चाहिए कि शराब बारात की शान नहीं, शोक का कारण बनती है।”

Jaya punetha editor in chief ।