जल संरक्षण और रोजगार सृजन को प्राथमिकता, मनरेगा 2026-27 के लिए कार्य योजना एवं लेबर बजट की तैयारी*।

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चम्पावत 03 अक्टूबर 2025

*जल संरक्षण और रोजगार सृजन को प्राथमिकता, मनरेगा 2026-27 के लिए कार्य योजना एवं लेबर बजट की तैयारी*

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने अवगत कराया है कि शासन द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु कार्यों के नियोजन एवं लेबर बजट की तैयारी के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्य योजना और लेबर बजट ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) का अभिन्न हिस्सा होगा तथा कार्य योजना तैयार करते समय शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष में जल संरक्षण एवं संवर्धन संबंधी कार्यों पर विशेष बल दिया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनसे भूजल स्तर में वृद्धि हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल स्रोतों का संरक्षण हो। साथ ही प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों को जिला सिंचाई योजना के साथ जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि उद्यानीकरण, मोरिंगा, बाँस तथा अन्य पौधारोपण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। अमृत सरोवर के स्थायी उपयोग एवं संरक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सीएलएफ (Community Level Federations) और पीआईए (Project Implementing Agencies) के माध्यम से नर्सरी निर्माण, मोरिंगा पौधारोपण तथा आजीविका संवर्धन संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नदी किनारे वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। साथ ही व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं को आगे बढ़ाने, आजीविका आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, कृषि एवं सहायक कार्यों का आउटकम आधारित चयन करने और औसत मानव दिवस में वृद्धि सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी लेबर बजट एवं कार्य योजना में उपरोक्त सभी बिंदुओं को समाहित किया जाए और कार्यों की योजना इस प्रकार बनाई जाए कि ग्रामीण जनों को सतत आजीविका, रोजगार एवं जल संरक्षण का स्थायी लाभ प्राप्त हो सके।

Jaya punetha editor in chief ।