ग्राम गौ सेवक योजना बनी संकटग्रस्त किसान का सहारा, दशरथ सिंह के जीवन में लौटी खुशियां।

चम्पावत, 11 जून 2026

*ग्राम गौ सेवक योजना बनी संकटग्रस्त किसान का सहारा, दशरथ सिंह के जीवन में लौटी खुशियां*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से निराश्रित गोवंश संरक्षण के साथ ग्रामीणों को मिल रहा आर्थिक संबल*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पशुपालन विभाग द्वारा संचालित ग्राम गौ सेवक योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। विकासखंड चम्पावत के तामली क्षेत्र अंतर्गत कारी गांव निवासी दशरथ सिंह की कहानी इस योजना की सफलता का प्रेरणादायी उदाहरण है।

दशरथ सिंह पिछले कुछ वर्षों से गंभीर पारिवारिक एवं आर्थिक संकटों का सामना कर रहे थे। बड़े पुत्र की असामयिक मृत्यु तथा छोटे पुत्र की अस्वस्थता के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। ऐसे कठिन समय में पशुपालन विभाग की ग्राम गौ सेवक योजना उनके लिए संबल बनकर सामने आई।

क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान पशुधन प्रसार अधिकारी अमित पांडे ने दशरथ सिंह की परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें ग्राम गौ सेवक योजना से जोड़ा। योजना के तहत उन्हें पांच निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई। विभाग द्वारा पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर मिनरल मिक्सचर, कैल्शियम एवं आवश्यक औषधियां भी उपलब्ध कराई गईं।

लगातार लगभग दस माह तक गोवंशों की सेवा एवं संरक्षण करने के बाद दशरथ सिंह के खाते में 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। यह राशि उनके लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ आत्मविश्वास और नई उम्मीद लेकर आई। दशरथ सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें इतनी बड़ी आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके जीवन में नई ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का विश्वास जगाया है।

पशुधन प्रसार अधिकारी अमित पांडे ने बताया कि इसी क्षेत्र के बचकोट निवासी गोपाल राम एवं तामली निवासी कृष्ण राम भी ग्राम गौ सेवक योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। योजना से जुड़े अन्य लाभार्थियों को भी नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा जनपद में बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ग्रामीणों को उन्नत नस्ल के बकरे, मुर्गी पालन हेतु चूजे तथा दुधारू पशु उपलब्ध कराकर स्वरोजगार एवं आय संवर्धन के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य श्री शैलेश जोशी ने कहा कि पशुपालन विभाग की योजनाएं सीमांत क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, पशुपालन मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा तथा विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

*कोई भी पात्र व्यक्ति बन सकता है ग्राम गौ सेवक*

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि ग्राम गौ सेवक योजना का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, आधार कार्ड एवं दो पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ के साथ आवेदन कर सकते हैं। जिन आवेदकों के पास पशुओं के लिए उपयुक्त गोठ (पशुशाला) उपलब्ध है, वे पशुपालन विभाग के कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर योजना से जुड़ सकते हैं।

Jaya punetha editor in chief ।

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