*अधिकृत प्रत्याशी तक नहीं उतार सकी कांग्रेस, हार का था पूर्वाभास*
लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पाटी नगर पंचायत, जिसे कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है, के चुनाव परिणामों ने एक बार फिर कांग्रेस की राजनीतिक कमजोरी को उजागर कर दिया है।
सबसे आश्चर्यजनक तथ्य यह रहा कि कांग्रेस पार्टी अपने अधिकृत प्रत्याशी तक घोषित नहीं कर सकी। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व को पहले से ही संभावित हार का आभास था और इसी कारण वह चुनाव मैदान में पूरी मजबूती के साथ उतरने का साहस नहीं जुटा सकी।
कांग्रेस ने वर्षों तक केवल दुर्भावना, निजी हितों और तुष्टिकरण की राजनीति की है। उत्तराखंड में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पाटी क्षेत्र के विकास की लगातार उपेक्षा की गई। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पाटी को नगरीय क्षेत्र का दर्जा दिलाया तथा पहली बार नगर पंचायत के चुनाव निष्पक्ष एवं लोकतांत्रिक ढंग से संपन्न कराकर विकास की नई राह प्रशस्त की।
देवतुल्य जनता ने भाजपा की विकासवादी सोच पर विश्वास जताते हुए भाजपा समर्थित अधिकृत प्रत्याशी श्री नवीन राम को लगभग 514 मत प्रदान किए, जो कुल मतों का लगभग 32 प्रतिशत है। त्रिकोणीय मुकाबले में वे सम्मानजनक दूसरे स्थान पर रहे, जो क्षेत्र में भाजपा के बढ़ते जनाधार का स्पष्ट प्रमाण है।
जिस राजनीतिक दल को अपने गढ़ में ही जमानत जब्त होने का भय सताता हो और जो चुनाव शुरू होने से पहले ही परोक्ष रूप से हार स्वीकार कर चुका हो, उसे जनादेश की व्याख्या करने अथवा जनमत पर डींगे हांकने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
पाटी की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब क्षेत्र की राजनीति विकास, सुशासन और जनहित के मुद्दों पर आगे बढ़ेगी, न कि भ्रम, तुष्टिकरण और नकारात्मक राजनीति के आधार पर।
Jaya punetha editor in chief ।




