चंपावत 11 जून 2026
*मा0 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चम्पावत’ का संकल्प हो रहा साकार, लोहाघाट में सरफेस पार्किंग विस्तार हेतु ₹39.52 लाख की वित्तीय स्वीकृति*
प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सपनों के ‘आदर्श चम्पावत’ की परिकल्पना अब धरातल पर मजबूती से साकार होने लगी है।
जनपद में पर्यटन विकास और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में शासन स्तर से एक और बड़ी सौगात मिली है। जनपद चम्पावत के अन्तर्गत लोहाघाट क्षेत्र में यातायात के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने और पर्यटकों व स्थानीय जनता की सुविधा के लिए सरफेस पार्किंग के विस्तार का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने इस अत्यंत महत्वपूर्ण विकास कार्य के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा लोहाघाट में ऋषेश्वर पुल के पास निर्माणाधीन सरफेस पार्किंग के विस्तार हेतु अतिरिक्त वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति सहर्ष प्रदान कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि लोहाघाट के ऋषेश्वर पुल के समीप पार्किंग क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यदायी संस्था ‘उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, लोहाघाट’ द्वारा एक अतिरिक्त आगणन (प्रस्ताव) तैयार कर शासन को प्रेषित किया गया था। विभागीय स्तर पर गहन तकनीकी परीक्षण और समीक्षा के उपरांत इस विस्तार प्रस्ताव को अत्यंत औचित्यपूर्ण पाया गया।
इसी के क्रम में राज्यपाल महोदय की ओर से ₹39.52 लाख (रूपये उनतालीस लाख बावन हजार मात्र) की धनराशि पर विधिवत प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
यह संपूर्ण स्वीकृत धनराशि निर्धारित कड़े प्रतिबंधों और विभागीय शर्तों के अधीन कार्यदायी संस्था के निवर्तन पर रखते हुए व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है।
इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के धरातल पर उतरने से लोहाघाट नगर और विशेषकर ऋषेश्वर पुल के आसपास लगने वाले जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता के अनुरूप चम्पावत जनपद को हर क्षेत्र में आदर्श बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। पार्किंग का यह विस्तार न केवल स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के लिए सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा, बल्कि लोहाघाट आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।
उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया है कि स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें।




