जिलाधिकारी के “क्विक एक्शन” से पलायन कर चुके पांच दर्जन परिवार अब अपने पूर्वजों की विरासत से फिर जोड़ेंगे अपना नाता।

 मानेश्वर समाचार।

19 अगस्त  2025

जिलाधिकारी के “क्विक एक्शन” से पलायन कर चुके पांच दर्जन परिवार अब अपने पूर्वजों की विरासत से फिर जोड़ेंगे अपना नाता।

लोगों को डीएम की कार्य संस्कृति का तब पता चला जब दिन में जन मिलन कार्यक्रम में समस्या रखी तो, निदान के लिए 3 घंटे बाद ही दलबल के साथ मौके में पहुंच गई एसडीएम।

चंपावत। 21 साल से सड़क सुविधा न मिलने से अपनी सोना उगलने वाली जमीन से नाता तोड़कर भीड़ का हिस्सा बने खेतीगाड के लोगों को जिलाधिकारी मनीष कुमार की “क्विक एक्शन” की कार्य संस्कृति का उस समय पता चला जब जन मिलन कार्यक्रम में गांव वालों ने उनके सम्मुख सड़क न होने से गांव से पलायन के बारे में संयुक्त रूप से ज्ञापन दिया था। तब इन लोगों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब उनके घर पहुंचने तक एसडीएम नीतू डांगर का फोन आया कि हम सभी लोग सड़क के नाप – जोप तथा विवाद को हल करने के लिए मौके में आ रहे हैं। लोनिवि के ईई , पटवारी, रेंजर आदि सभी को साथ लेकर आई महिला एसडीएम ने उस स्पोंट में जाकर सड़क का विरोध करने वाले व्यक्ति के कागजात देखे तो वह सरकारी जमीन निकलने पर भड़क गई। जो व्यक्ति जमीन में कब्जा कर सड़क बनाने में बड़ी बाधा पैदा कर रहा था एसडीएम के तीखे तेवर दिखाने के बाद उस व्यक्ति की हवा निकाल गई। एसडीएम ने मौके में ही समस्या का समाधान कर पांच किलोमीटर लंबी सड़क बनाने से जहां खेतीगाड व कफललेख गांव से पलायन कर चुके लोगों के लिए गांव के द्वार खोल दिए हैं वहीं दर्जनों परिवार अब अपने पूर्वजों की विरासत से नाता जोड़ेंगे।

गांव के प्रमुख नागरिक गोपाल दत्त, जगदीश चंद्र, निवर्तमान ग्राम प्रधान रमेश चंद पांडे, बिपिन चंद्र ने जिलाधिकारी व एसडीएम को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा यह उनके लिए सड़क नहीं लाइफ लाइन बनेगी उनका कहना था कि गांव के सभी लोग रिवर्स पलायन कर अपने गांव को “मॉडल विलेज” की ऐसी शकल देंगे जिसे लोग देखते ही रह जाएंगे। लोनिवि के ईई हितेश कांडपाल ने बताया कि अब विभाग शीघ्र सड़क के पिलर बनाने का काम शुरू कर देगा। उधर बरसों से लटके घिघारुकोट बासबसवाडीं सड़क बनने का भी डीएम ने रास्ता खोल दिया है। आज राजस्व, वन एवं लोनिवि की संयुक्त टीम लधियाघाटी के प्रमुख गांव रकम क्षतिपूरक वृक्षारोपण हेतु जमीन की तलाश में निकल गई है। एसडीएम के निर्देश पर गई यह टीम आज भूमि का मामला निपटाकर घिघारुकोट – बासबसवाडीं क्षेत्र में आर्थिक प्रगति के द्वार खोलने के साथ यहां के लोगों की ब्लॉक मुख्यालय जाने की दूरी 21 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस सड़क का मामला भी जन मिलन कार्यक्रम में जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया था। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता नंदू पांडे के अनुसार इस त्वरीत कार्रवाई से ग्रामीणों को आश्चर्य जनक प्रसन्नता हुई है। जिसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी एवं अन्य लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

Jaya punetha editor in chief  ।

 

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