*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन से संवर रही सीमांत चम्पावत की महिलाओं की तकदीर: दुग्ध व्यवसाय से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर*

चंपावत ,l

*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन से संवर रही सीमांत चम्पावत की महिलाओं की तकदीर: दुग्ध व्यवसाय से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर*

 

*पहाड़ की महिलाओं को आर्थिक मजबूती दे रही राज्य सरकार: चम्पावत की पुष्पा देवी को मिला ‘अल्ट्रा पुअर पैकेज’ का संबल, दुग्ध उत्पादन से बच्चों के भविष्य को दी नई उड़ान*

 

प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

 

सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की मातृशक्ति केवल गृहस्थी तक सीमित न रहे, बल्कि स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका को मजबूत करते हुए परिवार और समाज के आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान दे।

 

इसी संकल्प को चरितार्थ करती ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) सीमांत जनपद चम्पावत में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में एक नया सवेरा लेकर आई है।

 

परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाना, उनकी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करना तथा पर्वतीय क्षेत्रों से होने वाले पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इसी कड़ी में जनपद चम्पावत के जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित सुदूर ग्राम बस्तिया की रहने वाली श्रीमती पुष्पा देवी पत्नी श्री लाल सिंह के जीवन में एक प्रेरणादायी बदलाव आया है।

पूर्व में श्रीमती पुष्पा देवी का जीवन सामान्य घरेलू दायित्वों तक सीमित था और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सुदृढ़ नहीं थी कि वे बच्चों की उच्च शिक्षा और अन्य जरूरी खर्चों को आसानी से वहन कर सकें।

 

आर्थिक तंगी के इस दौर में वे ॐ महिला संकुल संघ के अंतर्गत संचालित जय माँ नंदा देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। रीप परियोजना के तहत अत्यंत निर्धन परिवारों के भौतिक सत्यापन और एकीकृत आजीविका सुधार योजना (ILIP) के अंतर्गत जब उनका चयन अल्ट्रा पुअर योजना के लिए किया गया, तो उनके जीवन की राह बदल गई।

इस योजना के माध्यम से उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु 35 हजार रुपये की वित्तीय सहायता का अल्ट्रा पुअर पैकेज प्रदान किया गया।

परियोजना से प्राप्त इस आर्थिक सहयोग से श्रीमती पुष्पा देवी ने एक स्वस्थ दुधारू गाय क्रय कर अपने घर पर ही डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की।

 

आज उनकी मेहनत रंग ला रही है और उनके यहाँ प्रतिदिन 5 से 6 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इस दूध को वे 50 रुपये प्रति लीटर की दर से स्थानीय बाजार में बेच रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 9,000 रुपये की निश्चित आय प्राप्त हो रही है। इस नियमित आमदनी ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है।

 

श्रीमती पुष्पा देवी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हैं। उनका मानना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही ऐसी कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जो उन्हें घर बैठे रोजगार के अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बना रही हैं।

 

पुष्पा देवी की यह सफलता की कहानी आज चम्पावत की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह साबित करती है कि पक्का इरादा और सही सरकारी सहयोग मिलने पर पहाड़ की महिलाएं हर चुनौती को पार कर सफलता की नई इबारत लिख सकती हैं।

Jaya punetha editor in chief .

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