लोहाघाट में फिर दिखा 6.5 फीट लंबा किंग कोबरा, गौशाला में घुसा जहरीला सांप देख दहशत में ग्रामीण।

लोहाघाट में फिर दिखा 6.5 फीट लंबा किंग कोबरा, गौशाला में घुसा जहरीला सांप देख दहशत में ग्रामीण।

चिड़ियाढूंगा गांव में वन विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू, विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन और माइग्रेशन को बताया वजह।

लोहाघाट। क्षेत्र में लगातार किंग कोबरा जैसे बेहद विषैले सांपों के दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोमवार को चिड़ियाढूंगा गांव निवासी गौरव मनराल की गौशाला में करीब 6.5 फीट लंबा किंग कोबरा दिखाई दिया। जहरीले सांप को देखते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई।

वन क्षेत्राधिकारी रमेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में स्नेक कैचर टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखते ही किंग कोबरा गौशाला से निकलकर दीवार के भीतर जा घुसा। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक दीवार का हिस्सा तोड़कर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे जंगल में छोड़ दिया।

वन क्षेत्राधिकारी रमेश चंद्र जोशी ने बताया कि संभावना है कि किंग कोबरा रेता-बजरी से भरे ट्रकों के साथ इस क्षेत्र तक पहुंच रहे हों। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए अभी अध्ययन की आवश्यकता है।

वहीं पीजी कॉलेज लोहाघाट की जीव विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीना कुमारी जोशी ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और वन्यजीवों के माइग्रेशन के कारण अब ऐसे जीव नए क्षेत्रों में दिखाई देने लगे हैं। किंग कोबरा का दिखना भी इसी बदलाव का संकेत हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह दुनिया के सबसे विषैले और खतरनाक सांपों में गिना जाता है।

उधर उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि क्षेत्र में स्नेक बाइट की घटनाएं बढ़ रही हैं। अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम (ASV) की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप के काटने पर किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं और पीड़ित को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं ।

Jaya punetha editor in chief ।

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