बौद्धिक सम्पदा अधिकार : विचार संरक्षण एवं सशक्त नवाचार पर कार्यशाला l 

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बौद्धिक सम्पदा अधिकार : विचार संरक्षण एवं सशक्त नवाचार पर कार्यशाला l

स्वामी विवेकानन्द गवर्नमेंट पीजी कॉलेज लोहाघाट में एक दिवसीय कार्यशाला विषय : बौद्धिक सम्पदा अधिकार : विचार संरक्षण एवं सशक्त नवाचार पर कार्यशाला l

कार्यशाला आयोजक सचिव डॉ. बीपी ओली ने विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य बौद्धिक सम्पदा अधिकार की पहुँच अधिक से अधिक प्राध्यापकों एवं छात्रों तक पहुंचाना है l

कार्यशाला सदस्य डॉ. अर्चना त्रिपाठी और डॉ. मनोज कुमार और मंच का संचालन डॉ. सोनाली कार्तिक द्वारा किया गया l

मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) रविशेखर, जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय नई दिल्ली द्वारा कहा गया की पहला बौद्धिक सम्पदा आईडिया 1883 एक पूंजीपति विचारधारा के रूप में आया, बाद में विकसित देशों ने व्यापार को बढ़ावा देने एवं व्यक्तिगत लाभ के तौर पर तेजी से विकसित हुआ l वर्तमान समय में ज्ञान बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे विचार और वस्तुएँ आधुनिक समय पुरानी होती जा रही इसलिए बौद्धिक सम्पदा अधिकार जो 20 साल के लिए पेटेंट है उसमें परिवर्तन की आवश्यकता है जिस कारण बौद्धिक संपदा के अधिकार के सामने जो चुनौतियाँ है उनका समाधान किया जा सकता है l

विशिष्ट अतिथि डॉ. कमिका चौधरी, कंप्यूटर साइंस, एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी ने कहा कि कॉपी राइट, शैक्षिक संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों में बहुत महत्त्वपूर्ण हो रहा है l

अध्यक्षता डॉ. संगीता गुप्ता, प्राचार्य द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड में एक दिन में 18 जीआई टैग को प्राप्त किया जो की उत्तराखण्ड के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि रही है l महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला द्वारा सभी प्राध्यापकों एवं छात्रों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो रहा है l

टेक्निकल सत्र में दो विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिया गया जिसमें प्रथम हिमांशु गोयल, विषय विशेषज्ञ-वैज्ञानिक II, पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर, यू कॉस्ट, देहरादून ने परंपरागत ज्ञान एवं बौद्धिक सम्पदा अधिकार पर कहा कि परंपरागत ज्ञान का आधार मजबूत होना जरूरी है तभी परम्परागत ज्ञान को भविष्य में बौद्धिक संपदा अधिकार में संरक्षण और संवर्धन मिल सकता है l

प्रथम तकनीक सत्र में डॉ. कामिका चौधरी द्वारा कॉपीराइट एवं पेटेंट पर कहा कि वर्तमान समय में बौद्धिक संपदा के माध्यम से हमें कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाता है जोकि मानव समाज के लिए वरदान सिद्ध हुआ है l

एवं अध्यक्षता प्रोफसर अपराजिता एवं रेपोर्टियर डॉ. मनोज कुमार द्वारा किया गया

यासिर अबास जैदी, निपम अधिकारी, मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, भारत सरकार, नई दिल्ली ने कहा कि भारत सरकार ने पेटेंट प्रकिया को आम लोगों के लिए बहुत ज्यादा आसान बनाया हुआ है l

कार्यशाला के समापन सत्र में डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने समापन रिपोट प्रस्तुत किया एवं डॉ. बृजेश प्रसाद ओली द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया l

महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न समितियों में योगदान देते हुए अपनी भूमिका निभाई जिसमें डॉ. अपराजिता, डॉ. लता कैड़ा, डॉ. दिनेश व्यास, डॉ. किशोर जोशी, डॉ. अभिषेक पंत, डॉ. प्रकाश लखेड़ा, डॉ. कमलेश शक्टा, डॉ. रवि सनवाल, डॉ. भूपसिंह धामी, डॉ. उपेन्द्र चौहान, डॉ. महेश त्रिपाठी, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. रुचिर जोशी, अनिता टम्टा, डॉ. सरोज यादव, डॉ. उमा काण्डपाल, डॉ. बन्दना चंद, डॉ. मीना, डॉ अनिता खर्कवाल,डॉ. मयूर बघरवाल, डॉ. अनिता खर्कवाल, डॉ. स्वाति जोशी, डॉ. नीरज काण्डपाल, डॉ. सुमन पाण्डे, डॉ. दीपक जोशी, डॉ. सरस्वती भट्ट, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. भगत राम लोहिया, डॉ. दिनेश राम, डॉ. शांति, डॉ. भगत राम, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. नम्रता महर, श्रीमती मीना मेहता, श्रीमती प्रीति, श्रीमती गीतम जोशी, श्रीमती गीतम, भावना खर्कवाल, नवीन राय, आदि उपस्थित रहे l

Jaya punetha editor in chief ।