जब कलेक्ट्रेट में मूंक बधिर बच्ची के साथ आए उसके पिता व बच्ची के दुर्भाग्य पर जिलाधिकारी की उमड़ पड़ी मानवीय संवेदना ।

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जब कलेक्ट्रेट में मूंक बधिर बच्ची के साथ आए उसके पिता व बच्ची के दुर्भाग्य पर जिलाधिकारी की उमड़ पड़ी मानवीय संवेदना ।

बच्चों के उपचार का खर्च उठाएगी सरकार, चारों बच्चों को उपचार के लिए भेजा गया हल्द्वानी एचटीएस – जिलाधिकारी

चंपावत। आखिर गरीबी के साए में जीवन बिताने वाले व्यक्ति ही गरीबीं के अभिशाप को समझते है। आज कलेक्ट्रेट में उस समय जिलाधिकारी मनीष कुमार की मानवीय संवेदनाएं दूरस्थ ककनई गांव से अपनी छोटी मूंक बधिर बच्ची के साथ आए चार बच्चों के बाप मान सिंह पर उमड़ पड़ी। जिसके चारों बच्चे मूंक बधिर है। उनकी स्थिति देखकर जहां जिलाधिकारी को मान सिंह की किस्मत पर तरस आ रहा था वही वह मन से इतने भाव विभोर हो गए की मैं इनकी कैसे और किस प्रकार की मदद करूं। बहरहाल जिलाधिकारी ने बच्ची के लिए दूध, बिस्किट मंगाया तो बेटी यामिनी को स्वयं अपनी सुध-बुध नहीं थी कि उसे दूध पीना है मानसिंह का सबसे बड़ा बेटा दिव्यांश 8 वर्ष का है तथा सबसे छोटा बेटा मुकेश सिंह 2 वर्ष का है।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी देवेश चौहान को बुलाकर उन्होंने बच्ची का परीक्षण कराया डॉ चौहान ने बताया कि इन्हें तीन माह तक उपचार में रहना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने मानसिंह को घर जाने के लिए रेड क्रॉस से सहायता देने के साथ सभी को हल्द्वानी के एचटीएस भर्ती कराने के अलावा उनका उसी वक्त राशन कार्ड बनाया। उसके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की भी संस्तुति की गई। सभी बच्चों को सरकारी तौर पर उपचार कराया जाएगा । जिलाधिकारी की संवेदना देखकर कुछ समय के लिए मान सिंह अपना दुख दर्द भूल गया ।

Jaya punetha editor in chief ।