चंपावत जिले में प्रतिभाएं तो हैं, जरूरत है उनकी बौद्धिक क्षमता को तरासने की- कर्नल उमेद।

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चंपावत जिले में प्रतिभाएं तो हैं, जरूरत है उनकी बौद्धिक क्षमता को तरासने की- कर्नल उमेद।

बच्चों को सही दिशा व दशा मिले तो वह छू सकते हैं गगन।

चंपावत। पिछले डेढ़ वर्ष से जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के मेधावी छात्र रहे अवकाश प्राप्त कर्नल उमेद सिंह का कहना है कि वे देखते आ रहे हैं कि यहां के बच्चे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उनके पास सब कुछ है। जरूरत है उनकी बौद्धिक क्षमताओं को तराश कर उन्हें ऐसी दशा व दिशा देने की जिससे वह जीवन में ऊंची उड़ान भर सके। आज देश की युवा शक्ति की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा की ओर ले जाना समय की ज्वलंत आवश्यकता बन गया है।

कर्नल उमेद का कहना है कि बच्चों के व्यक्तित्व व उनकी क्षमताओं का विकास कर ही उनमें सफलता के पंख लगाए जा सकते हैं। उन्होंने उदहारण दिया,जो लोग ऊंचे मुकाम में पहुंचे हैं वह आसमान से नहीं टपके हैं बल्कि उनकी लगन व मजबूत इच्छा शक्ति, चट्टानी इरादों ने उन्हें उस मुकाम में पहुंचाया है। कर्नल उमेद ने अपने मन की इच्छा बताते हुए कहा कि यदि इंटर तक के विद्यालयों के प्रधानाचार्य चाहेंगे तो वह प्रत्येक शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में जाकर बच्चों की प्रतिभाओं को तरासने में सहयोग करेंगे। यह बच्चे हमारे भविष्य की आशाएं एवं राष्ट की अमूल्य धरोहर जो है।

कर्नल साहब की पहल का जिलाधिकारी ने किया स्वागत।

चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार चंपावत को आदर्श जिला बनाने में ऐसी ही सोच के लोगों की जरूरत है जो देश के भावी स्वरूप को नई दिशा वह दशा देकर उन्हें सफलता का मार्ग बता सके।जब कभी जरूरत होगी तो मैं भी उनका साथ दूंगा।

Jaya punetha editor in chief ।