एनपीईपी प्रतियोगिता हेतु चंपावत की टीम राज्य को हुई रवाना।

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एनपीईपी प्रतियोगिता हेतु चंपावत की टीम राज्य को हुई रवाना।

पहाड़ के बच्चों के लिए पहली रेल यात्रा बनी रोमांच और सीख का नया अनुभव।

चंपावत। राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रम की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए जनपद चंपावत की टीम देहरादून को रवाना हुई। इस दल का नेतृत्व जिले के प्रतिष्ठित, समर्पित एवं शैक्षिक नवाचारों के प्रतीक शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय कर रहे हैं। उनके निर्देशन में राउमावि खूनाबोरा की छात्राएं लोक नृत्य तथा राइका किमतोली के छात्र रोल प्ले में जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे।

शैक्षणिक उत्तरदायित्व और नवाचारी सोच के संगम पर खड़े शिक्षण उपाध्याय वर्षों से पहाड़ के बच्चों को मंच, एक्सपोजर और जीवन से जुड़ा अनुभव दिलाने में अग्रणी रहे हैं। मार्गदर्शक शिक्षिका के रूप में पूनम त्रिपाठी रही। टीम को सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट, डीईओ बेसिक/डायट प्राचार्य मान सिंह, डीएस खेतवाल, एनपीईपी समन्वयक शिवराज सिंह तड़ागी, खीमानंद पाण्डेय, भूपेन्द्र देव सहित अभिभावकों ने शुभकामनाओं के साथ विदा किया।

जीवन की पहली रेल यात्रा सभी बच्चों के लिए अनुभवों की पाठशाला बनी। पहाड़ी जीवन की सीमाओं में पले बढ़े बच्चों के लिए जीवन की पहली रेल यात्रा केवल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया को नजदीक से देखने का अवसर भी था। स्टेशन पर पहली बार खड़ी ट्रेन को निहारते बच्चों की आँखों में जो चमक थी, वह किसी जीत से कम नहीं। रेल की सीटी, पटरियों की खनखनाहट, डिब्बों की हलचल आदि सब उस जिज्ञासा का कारण बने, जिसे शायद वे केवल किताबों में ही पढ़ते आए थे। उल्लेखनीय है कि शैलेश मटियानी राज्य उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक प्रकाश चन्द्र उपाध्याय पिछले कई वर्षों से पहाड़ के बच्चों को उनकी पहली रेल यात्रा का अनुभव कराने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनके प्रयास न केवल बच्चों को प्रतियोगिताओं तक पहुंचाते हैं, बल्कि उन्हें जीवन का वह स्पर्श भी देते हैं जो आगे चलकर उनके व्यक्तित्व को संवारता है।

Jaya punetha editor in chief ।