सरकार जनता के द्वार’ से बदली तस्वीर, पहले ही दिन दिखा संवेदनशील शासन का असर।

‘सरकार जनता के द्वार’ से बदली तस्वीर, पहले ही दिन दिखा संवेदनशील शासन का असर

डीएम मनीष कुमार का स्पष्ट संदेश— एक भी पात्र व्यक्ति यदि योजनाओं से छूटा, तो वह प्रशासन की जिम्मेदारी। यह माना जाएगा कि हमारे प्रयासों में रह गई है कमियां।

चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में 45 दिनों तक चलने वाले ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम का शुभारंभ सिमल्टा न्याय पंचायत से किया गया। कार्यक्रम के पहले ही दिन प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता का प्रभाव साफ दिखाई दिया। जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारी स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि सरकार अब फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे जनता के दरवाजे पर खड़ी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल योजनाओं का प्रचार नहीं, बल्कि हर पात्र व्यक्ति के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाता है, तो यह न केवल प्रशासन की कमी दर्शाएगा, बल्कि यह भी साबित करेगा कि हमारे प्रयासों में कहीं न कहीं चूक रह गई है।

डीएम ने विशेष रूप से दिव्यांगों, वृद्धजनों और असहाय लोगों पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो दिव्यांग या वृद्ध जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच सकते, उनके घर जाकर पेंशन, राशन, स्वास्थ्य व अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जाए। कई गांवों में अकेले रह रहे बुजुर्गों के लिए न केवल पेंशन, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा सुविधा भी शिविरों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाली जनसमस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाए और किसी भी प्रकरण को टालने की प्रवृत्ति न अपनाई जाए। यदि किसी स्तर पर निर्णय लेने में कठिनाई हो, तो सीधे उनसे संपर्क कर त्वरित निर्देश प्राप्त लिए जाएं।

कार्यक्रम के पहले दिन सिमल्टा न्याय पंचायत में आयोजित शिविर में 300 से अधिक ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। चिकित्सा, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक विभागों द्वारा अलग-अलग स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। गंभीर रूप से दिव्यांग गोविंद प्रसाद पांडे को जिलाधिकारी के निर्देश पर व्हीलचेयर, बैसाखी सहित आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।

कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उप जिलाधिकारी अनुराग आर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवैश चौहान, एपीडी बिम्मी जोशी, डीडीओ डीएस दिगारी सहित अनेक जिला स्तरीय अधिकारी दिनभर जनसमस्याओं के निस्तारण में जुटे रहे। विडियो अशोक अधिकारी, विभागीय अधिकारियों एवं जनता के बीच समन्वय स्थापित करते देखे गए। ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा ने ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम को जनहित में मील का पत्थर बताते हुए जिलाधिकारी व समस्त प्रशासनिक टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। संवेदनशील कार्यशैली के लिए पहचान बना चुके जिलाधिकारी मनीष कुमार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनकर उभरी है। जिसके लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया।

Jaya punetha editor in chief ।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement