सुशासन और नैतिक नेतृत्व की पाठशाला बनी बाराकोट, आजीविका संघों के संचालकों को मिला विशेष प्रशिक्षण।

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सुशासन और नैतिक नेतृत्व की पाठशाला बनी बाराकोट, आजीविका संघों के संचालकों को मिला विशेष प्रशिक्षण।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ, पारदर्शिता, जवाबदेही और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने पर दिया गया जोर।

लोहाघाट। ग्रामोत्थान परियोजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बाराकोट विकासखंड में संचालित आजीविका संघों और किसान उत्पादक संगठन के चयनित संचालकों व स्टाफ के लिए नैतिकता, सुशासन एवं नेतृत्व क्षमता विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बाराकोट अवनीश कुमार उपाध्याय ने किया।

लड़ीधुरा संकुल संघ के नव निर्मित संग्रहण केंद्र बाराकोट के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान बीडीओ ने प्रतिभागियों की परियोजना कार्यों के प्रति समझ का आकलन करते हुए समुदाय आधारित संगठनों में सुशासन व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में ग्रामोत्थान के मास्टर ट्रेनर प्रकाश चंद्र पाठक एवं कुलदीप भट्ट ने प्रतिभागियों को स्वायत्त सहकारिता की अवधारणा, उसके मूल्यों एवं सिद्धांतों, पंजीकरण प्रक्रिया, सहकारिता एवं कंपनी एक्ट की विशेषताओं, संचालन प्रणाली तथा संचालकों के दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी। परियोजना के मुख्य संदर्भ व्यक्ति एवं सहायक प्रबंधक संस्थाओं ने पारदर्शिता, जवाबदेही, भागीदारी, नियमों के अनुपालन, नैतिकता, ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शिता, भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं शिकायत निवारण जैसे सुशासन के प्रमुख पहलुओं पर सहभागी चर्चा कर प्रतिभागियों को व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। वहीं सह प्रबंधक आजीविका सुमित कुमार ने उत्पादों के मूल्यवर्धन, व्यवसाय विस्तार एवं विपणन व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रशिक्षण में लड़ीधुरा, रेगडू, बापरु, रैघांव, पंचबलिया तथा वल्सौं स्वायत्त सहकारिता के चयनित निदेशकों, बालेश्वर एफपीओ की सचिव, सहायक खंड विकास अधिकारी जाकिर, ब्लॉक रीप स्टाफ तथा अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

Jaya punetha editor in chief ।