मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, विपणन सुदृढ़ करने एवं ट्रॉउट हैचरी स्थापना पर जिलाधिकारी ने दिए निर्देश।

Spread the love

चम्पावत, 25 जून 2026

*मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, विपणन सुदृढ़ करने एवं ट्रॉउट हैचरी स्थापना पर जिलाधिकारी ने दिए निर्देश*

*मत्स्य उत्पादन बढ़ाने एवं मत्स्य पालकों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जिलाधिकारी का जोर*

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मत्स्य विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, मत्स्य पालकों के कल्याण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए वार्षिक फिश प्रोडक्शन का अद्यतन डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने क्लस्टर आधारित मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने तथा भारत सरकार को नई मत्स्य विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने मत्स्य विपणन को सुदृढ़ बनाने हेतु आईटीबीपी, एसएसबी के साथ-साथ होटल एवं होम-स्टे संचालकों के साथ एमओयू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रॉउट मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हैचरी स्थापना हेतु भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मत्स्य पालकों के बीच एनएसपीएएडी (National Surveillance Programme for Aquatic Animal Diseases) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की इस योजना का उद्देश्य मछलियों एवं झींगों में होने वाली बीमारियों की समय पर पहचान कर उनके प्रसार को रोकना है। योजना के अंतर्गत विकसित मोबाइल ऐप के माध्यम से मत्स्य पालक बीमार मछलियों की फोटो एवं विवरण अपलोड कर विशेषज्ञों से परामर्श और समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में जनपद मत्स्य प्रभारी त्रिभुवन मौर्य ने बताया कि जनपद के चार विकासखंडों में वर्तमान में 627 सक्रिय मत्स्य तालाब संचालित हैं। इसके अतिरिक्त 72 अमृत सरोवरों में से 13 तालाबों मत्स्य पालन कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया जनपद में लगभग 125 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में ट्रॉउट फिश उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु भी कार्य किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई श्री विमल कुमार सूंठा, उप प्रभागीय वनाधिकारी सुश्री नेहा सौन, खंड विकास अधिकारी श्री अवनीश कुमार उपाध्याय, खंड विकास अधिकारी सुश्री मोनिका पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।