मातृ मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर जिलाधिकारी ने की मासिक समीक्षा बैठक।

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चम्पावत, 04 जून 2026

*मातृ मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर जिलाधिकारी ने की मासिक समीक्षा बैठक*

*जिलाधिकारी ने जनपद में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु दिए आवश्यक दिशा निर्देश*

मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को न्यूनतम स्तर पर लाने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने गुरुवार को जिला सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक ली।

बैठक में जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत पहचान, नियमित एएनसी (ANC) जांच, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा एनीमिया नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति तैयार कर उसका गंभीरता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रत्येक मातृत्व मृत्यु के मामलों का गहन परीक्षण करने तथा मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नवविवाहित दंपतियों की काउंसलिंग कराने, परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आवश्यक स्वास्थ्य किट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं उनकी विशेष निगरानी, शून्य होम डिलीवरी के लक्ष्य के साथ सभी प्रसव संस्थागत रूप से कराने, आपातकालीन परिस्थितियों में 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर टीकाकरण एवं आयरन-कैल्शियम की दवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गंभीर प्रयास करें।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इंद्रजीत पांडे, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक चंपावत डॉ. हीरा सिंह हियांकी, डॉ. मंजीत सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।