*मा. मुख्यमंत्री के खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के विजन को मिल रहा सशक्त आधार, राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

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चम्पावत, 23

*मा. मुख्यमंत्री के खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के विजन को मिल रहा सशक्त आधार, राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण*

मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की खेल प्रतिभाओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रदेश को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में स्थापित राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का गुरुवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने निरीक्षण कर जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित होकर आईं 30 बालिकाओं में से उपस्थित 27 बालिकाओं से आत्मीय संवाद कर उनका हालचाल जाना तथा कॉलेज में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने बालिकाओं से पूछा कि उन्हें स्पोर्ट्स स्टेडियम के वातावरण, प्रशिक्षण, हॉस्टल, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाएं कैसी लग रही हैं। बालिकाओं ने उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए बताया कि उन्हें यहां गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ बेहतर आवास एवं भोजन की व्यवस्था मिल रही है।

जिलाधिकारी ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेस में भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता, स्मार्ट क्लासरूम, हॉस्टल, खेल परिसर तथा अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन्हें निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री चन्दन बिष्ट को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के साथ-साथ बालिकाओं को जनपद के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया जाए, ताकि वे चम्पावत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत से भी परिचित हो सकें।

इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई हेतु स्थानीय विद्यालय में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने 1 से 2 दिनों के भीतर बस परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी सशक्त आधार है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और यह स्पोर्ट्स कॉलेज उसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी लोहाघाट श्रीमती नीतू डांगर, जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री चन्दन बिष्ट, खेल विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं कोच उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।