मानेश्वर समाचार।
20 जुलाई 2025
देवभूमि की संस्कृति, प्रकृति,संस्कृत एवं सनातन को जीवंत रूप देने में लगे हैं सीएम पुष्कर सिंह धामी-आचार्य प्रकाश कृष्ण शास्त्री।
बच्चों को सोलह संस्कारों का पालन न कराए जाने से स्वयं माता-पिता भुगत रहे हैं अपने बच्चों का अभिशाप।
लोहाघाट। देवभूमि उत्तराखंड में संस्कृत,संस्कृति, प्रकृति एवं सनातन की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो कार्य कर रहे हैं,ऐसे सुनहरे अवसर में हर सनातनी व्यक्ति को अपने को जाति-पाति, ऊंच-निच की भावना से ऊपर उठकर सनातन का ध्वजवाहक बनना होगा। यह विचार पुराणों के मरमज्ञ एवं प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य प्रकाश कृष्ण शास्त्री ने विद्वानों की गोष्ठी में व्यक्त किए। उन्होंने विद्वानों का आवाहन किया कि आज हम ऐसे दौर से गुजर रहे है। जब सनातन संस्कृति एवं संस्कारो के लिए चौतरफा षड्यंत्र कर सनातन की शक्ति को कमजोर करने का प्रयास किए जा रहे हैं। आचार्यश्री ने कहा हर सनातनी अपने बच्चों को वेद, पुराण, उपनिषदों, गीता के साथ आचार विचार एवं संस्कारो की जानकारी देनी चाहिए। सोलह संस्कारो की और पीठ किए जाने का परिणाम यह निकल रहा है कि धरती के देवता माता पिता जिस बच्चों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं, उसी बच्चे का विवाह होने पर वही माता पिता दुश्मन बन जाते हैं। यह सब संस्कारो को महत्व न दिए जाने की वजह से हो रहा है।
आचार्यश्री ने विद्वानों से कहा कि वे सनातन समाज में समरसता लाने के लिए भी कार्य करे। उन्होंने इस मनोवृति पर खेत एवं आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि “पानी का धारा”किसी से नहीं पूछता है कि उसका पानी कौन पी रहा है? इसी प्रकार फलदार वृक्ष भी नहीं पूछता है कि उसका फल कौन खा रहा है। लेकिन सनातनी आपस में ही भेद भाव करने में लगे रहते हैं।
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चंपावत जिले के प्रसिद्ध मंदिरों व देवालयों को लाया जा रहा है रोशनी में।
चंपावत। आचार्यश्री ने नए जिला अधिकारी मनीष कुमार द्वारा जिले के प्रमुख मंदिरों व देवालयों के धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व को उजागर कर मॉडल जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का पहली बार जो प्रयास किया जा रहा है, उसे देखते हुए वह दिन दूर नहीं जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सनातन के और अच्छे दिन आने लगेंगे।
Jaya punetha editor in chief ।




