टीबी मुक्त भारत’ अभियान और मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को मिल रही रफ्तार, जनपद में मरीजों को निरंतर मिल रहा पोषण किट का सहारा*

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चंपावत

 

*टीबी मुक्त भारत’ अभियान और मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को मिल रही रफ्तार, जनपद में मरीजों को निरंतर मिल रहा पोषण किट का सहारा*

 

भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम एवं ‘टीबी मुक्त भारत के महत्वाकांक्षी संकल्प के साथ ही माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के ‘टीबी मुक्त उत्तराखंड’ के विजन को धरातल पर साकार करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है।

 

केंद्र व राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद में टीबी उन्मूलन अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है।

 

इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के स्पष्ट एवं जनहितकारी निर्देशों के अनुपालन में जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान प्राप्त होने वाली समस्त पोषण किटों का वितरण प्रत्येक जरूरतमंद टीबी मरीज को नियमित रूप से किया जा रहा है।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेश चौहान की इस अत्यंत संवेदनशील एवं अनुकरणीय पहल के सुखद परिणाम अब धरातल पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहे हैं।

 

भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र पहल की भावना को आगे बढ़ाते हुए जनपद के प्रत्येक टीबी मरीज तक आवश्यक पोषण सामग्री की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

 

टीबी जैसी बीमारी से पूर्ण उपचार और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए नियमित दवाओं के साथ-साथ संतुलित एवं उच्च गुणवत्तायुक्त पोषण का होना अत्यंत अनिवार्य है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रारंभ की गई यह पोषण वितरण व्यवस्था आज जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत संबल प्रदान करने वाली साबित हो रही है।

जिलाधिकारी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में चिकित्सीय टीम पूरी निष्ठा के साथ इस जनकल्याणकारी कार्य में जुटी हुई है।

 

जनता मिलन कार्यक्रम के माध्यम से एकत्र सहायता सामग्री का सीधा लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनके मनोबल में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

 

स्वास्थ्य विभाग द्वारा केंद्र व राज्य सरकार के ‘क्षय रोग मुक्त’ लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु इस प्रकार की पहलों को भविष्य में भी इसी तत्परता और निरंतरता के साथ जारी रखा जाएगा।

Jaya punetha editor in chief ।