मानेश्वर समाचार।
चम्पावत, 09 सितम्बर 2025
*खेलो भारत नीति 2025 से संवरेगी युवा पीढ़ी*
खेल सिर्फ शारीरिक दक्षता का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सामाजिक बदलाव और आर्थिक विकास का भी आधार हैं। इसी सोच को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 01 जुलाई, 2025 को खेलो भारत नीति 2025 लागू की। यह नीति देशभर में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, प्रतिभाओं की पहचान करने और युवाओं को खेलों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखती है।
इस नीति का उद्देश्य “राष्ट्र निर्माण के लिए खेल – राष्ट्र के समग्र विकास के लिए खेलों की शक्ति का उपयोग” है। चम्पावत जैसे पहाड़ी और सीमांत जिलों में भी इसका सीधा लाभ युवाओं को मिलेगा। यहां ग्रामीण स्तर पर खेल कार्यक्रमों का आयोजन, स्थानीय प्रतिभाओं की पहचान और खेलों के प्रति रुचि विकसित करने के लिए विशेष पहल की जाएगी।
खेलो भारत नीति 2025 के पाँच मुख्य स्तंभ
1. वैश्विक मंच पर भारत की उत्कृष्टता – खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देकर भारत को खेल महाशक्ति बनाना।
2. आर्थिक विकास के प्रोत्साहक के रूप में खेल – खेल उद्योग, खेल पर्यटन और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देकर रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करना।
3. सामाजिक परिवर्तन के लिए खेल – समाज में अनुशासन, स्वास्थ्य, समानता और टीम भावना को प्रोत्साहित करना।
4. जन आंदोलन के रूप में खेल – खेलों को घर–घर तक पहुँचाना और सभी आयु वर्ग को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करना।
5. नई शिक्षा नीति 2020 के साथ एकीकरण – शिक्षा व्यवस्था में खेल को अनिवार्य अंग बनाकर विद्यार्थियों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।
*चम्पावत में भी होगा सीधा लाभ*
यह नीति ‘विकसित भारत’ के सिद्धांतों पर आधारित है और इसका प्रभाव चम्पावत जैसे जिलों में साफ दिखेगा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन, विद्यालय स्तर पर खेलों का समावेश, छात्र–छात्राओं को प्रशिक्षण, कोचिंग सुविधाएं और आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराना इस योजना का हिस्सा होगा। साथ ही, यहां की प्रतिभाओं को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी।
*भविष्य के चैंपियंस की तैयारी*
इस नीति के तहत खेलों को करियर के रूप में देखने के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रतिभावान खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, खेल छात्रावास, पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं, उच्च स्तरीय कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि आने वाले समय में भारत से विश्वस्तरीय चैंपियंस तैयार हों और ओलंपिक सहित अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन नई ऊँचाइयों को छुए।
खेलो भारत नीति 2025 न केवल खेलों का उत्थान करेगी, बल्कि युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की दिशा भी दिखाएगी। चम्पावत समेत पूरे उत्तराखंड में यह नीति नई प्रतिभाओं को जन्म देकर भविष्य के भारत को मजबूत करेगी।
Jaya punetha editor in chief ।




