चम्पावत 27 मार्च 2026
*समग्र शिक्षा अभियान के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ, न्याय पंचायतों के लिए पुस्तक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना*
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत शिक्षण सत्र 2026–27 के लिए जनपद चम्पावत में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय प्राथमिक विद्यालय, चम्पावत से किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के समस्त न्याय पंचायतों में समयबद्ध रूप से पुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दर्जा राज्य मंत्री श्री श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी एवं अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जनपद के कुल 647 विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इन पुस्तकों को न्याय पंचायत स्तर तक सुचारु रूप से पहुँचाने हेतु व्यवस्थित वितरण प्रणाली के अंतर्गत वाहनों को रवाना किया गया, जिससे सभी विद्यार्थियों को सत्र प्रारंभ होते ही समय पर पुस्तकें उपलब्ध हो सकें।
इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्री श्याम नारायण पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी है। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।
विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी ने छात्रों को पुस्तकों का महत्व बताते हुए कहा कि पुस्तकें ज्ञान का आधार हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित रखते हुए नियमित अध्ययन करना चाहिए।
अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी ने कहा कि पुस्तकें ही विद्यार्थियों के भविष्य की मजबूत नींव रखती हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके सर्वांगीण विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। साथ ही विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभासद श्री रोहित बिष्ट, श्री कीर्ति बल्लभ बगोली, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




