किसानों के पशुओं के लिए फरिश्ता बने डॉ. जेपी यादव, गंभीर हालत में पहुंची बकरी का किया सफल ऑपरेशन।
पशुपालक बोले “डॉ. यादव जैसे डॉक्टर हों तो पशुपालन का व्यवसाय सुरक्षित है”
लोहाघाट। पहाड़ में किसान के लिए उसका पशु केवल जानवर नहीं बल्कि परिवार और आजीविका का आधार होता है। पशु बीमार पड़ जाए या किसी दुर्घटना में घायल हो जाए तो पर्वतीय क्षेत्रों में उसका उपचार कराना आसान नहीं होता। ऐसे समय में चम्पावत जिले के किसानों के लिए पशु चिकित्सक डॉ. जेपी यादव किसी संजीवनी से कम नहीं हैं।
किसान परिवार से जुड़े डॉ. यादव लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर बीमार और घायल पशुओं का उपचार कर किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने का कार्य कर रहे हैं।
इसी क्रम में विकासखंड बाराकोट के नवन गांव निवासी बकरी पालक प्रकाश जोशी अपनी गंभीर रूप से बीमार बकरी को लेकर पशु चिकित्सालय पहुंचे। बकरी की हालत बेहद नाजुक थी। स्थिति को देखते हुए डॉ. जेपी यादव ने अपने सहयोगी पशु फार्मेसी अधिकारी जनक चंद के साथ तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
काफी देर तक चले इस क्रिटिकल ऑपरेशन को टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद बकरी को राहत मिली और उसकी हालत में सुधार आने लगा।
बकरी पालन को अपनी आजीविका का मुख्य साधन मानने वाले प्रकाश जोशी ने कहा कि डॉ. यादव जैसे संवेदनशील चिकित्सक होने से पशुपालकों को बड़ा सहारा मिलता है। उन्होंने डॉ. यादव और उनकी टीम का आभार जताते हुए कहा कि “ऐसे डॉक्टरों की वजह से किसानों को अपने पशुओं की चिंता कम रहती है।” ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को नई पहचान देने वाले डॉ. जेपी यादव आज किसानों के बीच भरोसे और सेवा के प्रतीक बन चुके हैं।




