*चम्पावत 12 जून, 2026
*मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से चम्पावत में सौर ऊर्जा क्षेत्र को लगे नए पंख: उरेडा द्वारा 28 मेगावाट क्षमता संवर्द्धन के साथ किसानों की आय बढ़ाने का खाका तैयार*
माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में स्वावलंबन एवं स्वरोजगार की दिशा में निरंतर महत्वपूर्ण और बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) विभाग द्वारा चम्पावत जनपद में ‘मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
विभागीय विवरण के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में इस बहुआयामी योजना के अंतर्गत 150 से भी अधिक आवेदनों को विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इन स्वीकृत परियोजनाओं के माध्यम से जनपद में लगभग 28.2 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की स्थापित क्षमता प्राप्त करने की दिशा में तीव्र गति से निर्माण और क्रियान्वयन कार्य गतिमान है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए अवगत कराया कि इस योजना के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 50, 100 और 200 किलोवाट क्षमता के अलग-अलग सौर ऊर्जा प्लांट और संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
विशेष बात यह है कि ये सौर ऊर्जा प्लांट उन भू-भागों और क्षेत्रों में लगाए गए हैं, जो अब तक पूरी तरह से अप्रयुक्त थे और किसी भी अन्य प्रयोजन या कृषि कार्य में इस्तेमाल नहीं हो पा रहे थे। इस अनूठी पहल से जहां एक ओर स्थानीय किसानों की अनुपयोगी पड़ी भूमि का सटीक सदुपयोग हो रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में सशक्त, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने का एक नया आयाम स्थापित हो रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के सफल संचालन से किसानों को घर बैठे निरंतर एक निश्चित आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी भारी संबल मिल रहा है।
जनपद के नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) की स्थापित यूनिट की कुल क्षमता 94.2 मेगावाट की है, उरेडा विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा इस लघु सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना से 28.2 मेगावाट का ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।
वर्तमान में विभाग को 110 से अधिक नए आवेदन और प्राप्त हुए हैं, जिन पर विभागीय स्तर से तेजी के साथ स्वीकृति की अग्रिम कार्यवाही संचालित की जा रही है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने उरेडा विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत आने वाले नए आवेदकों को उचित मार्गदर्शन, तकनीकी जानकारी तथा हर संभव विभागीय सहयोग समय पर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नए लोगों और स्थानीय काश्तकारों को इस मुहिम से जोड़े, ताकि जिले में ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका संवर्धन के लक्ष्यों को और अधिक गति दी जा सके।
Jaya punetha editor in chief ।




