चंपावत 12 जून 2026
*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में डीएलआरसी और डीसीसी की बैठक संपन्न*
*स्वरोजगार योजनाओं में तेज़ी लाने के लिए, बैंकों को दिए अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के निर्देश*
जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्वय समिति (डीएलआरसी) तथा जिला सलाहकार समिति (डीसीसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक के दौरान बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट, वित्तीय साक्षरता, ऋण जमा अनुपात (सी.डी. रेशियो), ऋण वितरण की प्रगति, कृषि एवं अनुषंगी गतिविधियों में ऋण प्रवाह, केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए), कौशल विकास मिशन तथा प्री-पी.एल.पी. जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद का सी.डी. रेशियो 38.35 प्रतिशत रहा है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा निर्धारित न्यूनतम 40 प्रतिशत के मानक से कम है। उन्होंने 40 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले बैंकों को ऋण वितरण में तेजी लाने और अपने ऋण जमा अनुपात में सुधार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए सभी बैंकों को एक ठोस रणनीति के तहत काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, मुद्रा योजना और सौर व पर्यटन स्वरोजगार योजनाओं के तहत आवेदकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बैंकों को सचेत किया कि ऋण संबंधी फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
यदि पत्रावलियों में कोई छोटी-मोटी कमियां या त्रुटियां हैं, तो उनके आधार पर आवेदन निरस्त करने के बजाय बैंक, संबंधित विभाग और आवेदक आपस में समन्वय कर उन्हें तुरंत दूर करें।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ देने के लिए विशेष ऋण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रभारी मत्स्य अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की हिदायत दी।
बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक श्री अमर सिंह ग्वाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि कृषि अनुषंगी गतिविधियों के तहत जनपद में कुल 13,154 किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन में कुल 2,493 कृषकों का बीमा किया गया, जिनमें 1,121 लोनी और 2,162 नॉन-लोनी किसान शामिल हैं। विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति साझा करते हुए बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मिले 1,875 आवेदनों में से 1,812 को ऋण वितरित किया जा चुका है।
पीएम स्वनिधि योजना में 1,092 आवेदनों के सापेक्ष 1,011 को ऋण दिया गया, जबकि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत स्वीकृत 922 आवेदनों में से 646 पर ऋण वितरण संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में प्राप्त 241 आवेदनों में से 182 स्वीकृत हुए हैं और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में भेजे गए 15 आवेदनों में से 10 को स्वीकृति देकर ऋण वितरित किया गया है। जिलाधिकारी ने इन सभी योजनाओं के लंबित आवेदनों का निस्तारण भी तुरंत करने को कहा है।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री जनधन योजना का दायरा बढ़ाने के लिए बैंकों को विशेष कैंप आयोजित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंक नियंत्रकों से कहा कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के सरकारी विभागों का सहयोग लेकर आम जनता को जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इन योजनाओं से जुड़ सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक भरत राज आनंद, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक स्वाति कार्की, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, आरसेटी निदेशक प्रांशु मैठाणी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, जिला उद्योग केंद्र की प्रबंधक सुमेधा पंत सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
Jaya punetha editor in chief ।




