चम्पावत 17 नवम्बर 2025
*भरण-पोषण अधिनियम 2007 पर ग्रामीणों को जागरूक करने हेतु शिविर आयोजित*
*भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम 2007 के तहत ग्राम भिंगराड़ा में जागरूकता शिविर आयोजित*
जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) चंपावत श्री अनुज कुमार संगल एवं सचिव DLSA चंपावत श्री भवदीप रावते के मार्गदर्शन में आज ग्राम भिंगराड़ा, तहसील पाटी में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम प्रधान भिंगराड़ा द्वारा उपस्थित गणमान्य लोगों के स्वागत के साथ हुई, जिसके पश्चात विधिक शिविर की कार्यवाही औपचारिक रूप से प्रारंभ की गई। शिविर में पी.एल.वी.गण ने उपस्थित लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, उनके कल्याण हेतु संचालित योजनाओं तथा उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत श्री भवदीप रावते ने अपने संबोधन में बताया कि बच्चों का अपने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण करना कानूनी दायित्व है और इसके उल्लंघन पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने भरण-पोषण आवेदन, संपत्ति से बेदखली जैसे कानूनी उपायों की जानकारी देते हुए लोगों को वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं संरक्षण के प्रति जागरूक किया। साथ ही शिक्षा का अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल श्रम निषेध कानून, फैक्ट्री अधिनियम 1948, बाल विवाह निषेध अधिनियम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में भी विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
इसके अतिरिक्त तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्षा, माननीया सिविल जज (जू.डि.), टनकपुर श्रीमती प्रियांशी नगरकोटी की अध्यक्षता में तथा पी.एल.वी. अजय गुरूरानी के संचालन में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, सरकार द्वारा चलाई जा रही वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, कल्याणकारी योजनाओं, भरण-पोषण के प्रावधानों, संपत्ति के अधिकार आदि महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, भरण-पोषण एवं सम्मान से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति जन – जागरूकता बढ़ाना रहा, जिसमें स्थानीय लोगों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग करा।
Jaya punetha editor in chief ।




