लधियाघाटी का लाल बना सेना का अफसर, तेजस भट्ट बने सेकंड लेफ्टिनेंट।
आईएमए की पासिंग आउट परेड में मिली बड़ी उपलब्धि, बेटे को सितारे लगाते भावुक हुए माता-पिता; बड़े भाई भी हैं सेना में अधिकारी।
लोहाघाट। सीमांत क्षेत्र लधियाघाटी के भिंगराड़ा गांव ने एक बार फिर देश सेवा का गौरवशाली इतिहास रचा है। क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षक कृष्ण चंद्र भट्ट और भावना भट्ट के 21 वर्षीय पुत्र तेजस भट्ट भारतीय सेना में सेकंड लेफ्टिनेंट बन गए हैं। शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की भव्य पासिंग आउट परेड के साथ तेजस भारतीय सेना की अधिकारी पंक्ति में शामिल हो गए।
तेजस की प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक गांव भिंगराड़ा में हुई। बचपन से ही मेधावी और अनुशासित रहे तेजस का सपना सेना में अधिकारी बनने का था। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने देहरादून के आरआईएमसी से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया, जिसके बाद उनका चयन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में हुआ। कठिन प्रशिक्षण और अथक मेहनत के बल पर उन्होंने अपना सपना साकार कर दिखाया। पासिंग आउट परेड का सबसे भावुक क्षण वह रहा, जब माता-पिता ने अपने बेटे के कंधों पर अधिकारी के सितारे सजाए। इस दौरान तेजस और उनके माता-पिता की आंखें नम हो गईं। बेटे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मां भावना भट्ट ने उन्हें गले लगाकर अपना स्नेह और गर्व व्यक्त किया। यह दृश्य देखकर समारोह में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो उठीं। तेजस को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा उनकी नेतृत्व एवं अनुकरणीय क्षमता को देखते हुए उन्हें कांस्य पदक से भी सम्मानित किया गया।
तेजस के चचेरे बड़े भाई मोहित भट्ट भी भारतीय सेना में अधिकारी हैं। वर्ष 2022 में वह सेकंड लेफ्टिनेंट बनकर सेना में शामिल हुए थे। एक ही परिवार के दो बेटों का सेना में अधिकारी बनना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार ने भी तेजस और उनके परिवार को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे होनहार युवाओं की सफलता पूरे समाज को गौरवान्वित करती है और राष्ट्रसेवा के प्रति नई पीढ़ी को प्रेरित करती है।
तेजस की इस उपलब्धि पर ग्राम प्रधान गीता भट्ट, पूर्व ग्राम प्रधान रमेश चंद्र भट्ट, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख कृष्णानंद भट्ट, कमला भट्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने खुशी व्यक्त की है।
Jaya punetha editor in chief ।




