रिवर्स पलायन से ग्राम विकास सम्मेलन : चम्पावत में सफल आजीविका मॉडलों पर व्यापक विमर्श*।

चम्पावत 04 दिसंबर, 2025

*रिवर्स पलायन से ग्राम विकास सम्मेलन : चम्पावत में सफल आजीविका मॉडलों पर व्यापक विमर्श*

विकास भवन सभागार चम्पावत में उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष श्री एस.एस. नेगी की अध्यक्षता में “रिवर्स पलायन से ग्राम विकास सम्मेलन” आयोजित किया गया जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रवासियों, उद्यमियों, कृषकों, युवाओं एवं विभागीय अधिकारियों ने भाग लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।

सम्मेलन में रिवर्स पलायन कर सफल आजीविका स्थापित करने वाले प्रेरक व्यक्तियों में पाटी निवासी श्री राजेश भंडारी द्वारा फास्ट फूड व्यवसाय, जाखजिण्डी लोहाघाट निवासी श्री कमल सिंह परथोली द्वारा कोचिंग संस्थान एवं लाइब्रेरी संचालन, पुनावे निवासी पूर्व सैनिक श्री खिलानन्द जोशी द्वारा सेब एवं कीवी उत्पादन, ठाण्टा निवासी श्री प्रदीप शर्मा द्वारा मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट और पाटी निवासी श्री उमाकांत द्वारा टैक्सी सेवा शुरू कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जैसे उल्लेखनीय कार्य प्रस्तुत किए गए।

इसी प्रकार जनपद के विभिन्न इलाकों से आए अन्य प्रवासियों ने कृषि आधारित उद्यम, पशुपालन, हस्तशिल्प, पर्यटन सेवाओं और स्वरोजगार के क्षेत्रों में अपने सफल मॉडल साझा किए।

विभागीय समन्वय द्वारा रोजगार एवं उद्यमिता के उपलब्ध अवसरों, सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी गई।

सम्मेलन में 40 से अधिक रिवर्स पलायन कर चुके प्रतिभागियों ने अपनी बात रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के विस्तार, विपणन सहायता, प्रशिक्षण, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और संसाधनों के सर्वश्रेष्ठ उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव आयोग को प्रदान किए।

उपाध्यक्ष श्री एस.एस. नेगी ने सभी प्रतिभागियों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि रिवर्स पलायन गांवों की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सफल मॉडलों को प्रोत्साहित कर अधिक से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

इस दौरान श्री राम प्रकाश पैन्यूली, श्री सुरेश सुयाल, श्री दिनेश रावत, श्री अनिल सिंह शाही, रंजना रावत नेगी, श्री भरत चन्द्र, मुख्य विकास अधिकारी डा० जी०एस० खाती, जिला विकास अधिकारी श्री दिनेश सिंह दिगारी, मुख्य कृषि अधिकारी श्री धनपत कुमार समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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