चंपावत ,
*पारंपरिक मिलेट फसलों के संरक्षण हेतु निर्णय: झंगोरा (सांवा/मादिरा) का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹5250 प्रति कुंतल*
शासन द्वारा प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने तथा पारंपरिक खेती को प्रोत्साहन देने की दिशा में निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि शासन द्वारा खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए झंगोरा (सांवा/मादिरा) फसल हेतु ₹5250.00 प्रति कुंतल की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया गया है, जिसे मा. राज्यपाल द्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
इस का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषकों के आर्थिक हितों को सुरक्षित करना तथा राज्य में पारंपरिक मिलेट (मोटे अनाज) फसलों के उत्पादन, संरक्षण एवं विपणन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की प्राथमिक नीतियों के अनुरूप इस पहल से पर्वतीय क्षेत्रों में मोटे अनाजों की खेती को नया जीवन मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।
झंगोरा को न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में लाए जाने से इसके पौष्टिक गुणों का उपयोग पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी किया जा सकेगा।
इसके अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा संचालित मिड-डे-मील योजना तथा खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से झंगोरा के वितरण में सुगमता आएगी, जिससे बच्चों एवं आमजन को पोषण युक्त भोजन प्राप्त होगा।
योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लाभांवित किसानों को एनपीसीआई (NPCI) के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आधार इनेबल्ड सिस्टम (Aadhaar Enabled System) या सीबीडीसी (CBDC) के माध्यम से प्रत्यक्ष भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि धनराशि पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित हो सके।
Jaya punetha editor in chief ।




