चम्पावत,
*पुनौली कृषि उपकरण प्रकरण की जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं, भौतिक सत्यापन में मौके पर मिले सभी उपकरण*
*शिकायतों की निष्पक्ष जांच और योजनाओं में पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: जिलाधिकारी*
विकासखंड पाटी की ग्राम पंचायत पुनौली में जय अम्बे स्वयं सहायता समूह को कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए गए कृषि उपकरणों के संबंध में प्राप्त शिकायतों एवं लगाए गए आरोपों की जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देश पर गठित समिति द्वारा जांच की गई। जांच के दौरान समिति ने मौके पर पहुंचकर उपकरणों का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें संबंधित सभी कृषि उपकरण उपलब्ध पाए गए। समिति की जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक परियोजना निदेशक सुश्री विमी जोशी के नेतृत्व में गठित जांच समिति में कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी नारायण सिंह तथा खंड विकास अधिकारी जगदीश सिंह कार्की शामिल रहे। समिति ने ग्राम पंचायत पुनौली पहुंचकर प्रकरण से संबंधित तथ्यों की जांच करने के साथ ही उपलब्ध कराए गए कृषि उपकरणों का मौके पर सत्यापन किया।
भौतिक सत्यापन के दौरान 2 पावर वीडर, 4 आटा चक्की तथा 6 घास काटने की मशीनें मौके पर उपलब्ध पाई गईं। जांच में प्राप्त तथ्यों एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर उपकरणों से संबंधित लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
इस प्रकरण की पूर्व में परियोजना निदेशक श्री अजय सिंह के स्तर से भी जांच की गई थी। पूर्व जांच में भी योजना के क्रियान्वयन एवं वित्तीय प्रकरण में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई थी।
प्रकरण को लेकर लोहाघाट मा.विधायक श्री खुशाल सिंह अधिकारी द्वारा शिकायत उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने पुनः जांच कराकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का निर्णय लिया था। जांच के उपरांत सभी संबंधित उपकरण मौके पर उपलब्ध पाए गए।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर प्राप्त शिकायत अथवा आरोप की तथ्यों के आधार पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक नियमानुसार एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
लोहाघाट मा. विधायक श्री खुशाल सिंह अधिकारी ने जांच के संबंध में कहा कि शिकायतों की निष्पक्ष एवं ईमानदारी से जांच होने से वास्तविक तथ्य सामने आते हैं और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहती है। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी की सराहना की।




