“जब चूड़ी वाले हाथ बढ़ते हैं, तो समाज सशक्त होता है” — प्रेमा पांडे
महिला सशक्तीकरण उत्सव में नगर क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने दिखाई अपनी प्रतिभा, प्रेमा पांडे बोली— अब नारी ‘अबला”नहीं समाज की सबसे बड़ी ‘ताकत” है।
चंपावत। नगर पालिका परिषद द्वारा “सशक्त नारी—सशक्त समाज” के तहत आयोजित उत्सव में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने भाग लेकर अपने हुनर और आत्मविश्वास की झलक दिखाई। कार्यक्रम का उद्देश्य था — “चूड़ी वाले हाथों को मजबूत बनाना।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्षा प्रेमा पांडे ने की। उन्होंने कहा कि “अब वो जमाना चला गया जब महिलाओं को “अबला’ कहा जाता था। आज चूड़ी वाले हाथ न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज की दिशा तय कर रहे हैं। सरकार ने महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं। अब जरूरत है कि हर महिला आगे बढ़कर इन योजनाओं का लाभ उठाए और आत्मनिर्भर बने।” प्रेमा पांडे ने कहा कि नगर पालिका का लक्ष्य है हर महिला को रोजगार और सम्मान से जोड़ना। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने कौशल को पहचानें और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करें। इस अवसर पर नगर पालिका के अधिसाशी अधिकारी भरत त्रिपाठी ने भी सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए कहा कि “कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत महिलाओं को उनके रुचि क्षेत्र के अनुसार प्रशिक्षण देकर न केवल रोजगार से जोड़ना, बल्कि उन्हें दूसरों को रोजगार देने योग्य बनाना हमारा उद्देश्य है।”
कार्यक्रम में महिलाओं के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं, खेलकूद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं, जिससे उनके जीवन में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। प्रतियोगिताओं में अव्वल रहीं महिलाओं को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन महेश चौहान ने किया।
इस अवसर पर सभासद प्रेमा चिल्कोटी, मनी प्रभा तिवारी,दिनेश चन्द्र वरदोला, रोहित बिष्ट,गौरव कलोनी,के अलावा सुरज प्रहरी आदि ने भी महीलाओं का उत्साहवर्धन किया।
Jaya punetha editor in chief ।



