यूकेएसएससी की परीक्षा केंद्रों में ऐसी व्यवस्था की गई है कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

यूकेएसएससी की परीक्षा केंद्रों में ऐसी व्यवस्था की गई है कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

यह परीक्षार्थियों की ही परीक्षा नहीं बल्कि हमारी भी परीक्षा है, कि हम उसे कितने पवित्र एवं पारदर्शी वातावरण में करा सकते हैं संपन्न- जिलाधिकारी।

चंपावत। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 21 सितंबर को होने वाली परीक्षाओं को इतने कड़े एवं सुरक्षा प्रबंधन के बीच संपन्न कराने के लिए पुलिस व प्रशासन ने कमर कस ली है। अतीत में हुई परीक्षाओ में गड़बड़ियों से सबक लेते हुए न केवल पुलिस व प्रशासन ही नहीं बल्कि नागरिक भी इस कार्य में पूरा सहयोग करने के लिए पूरी तरह सजग है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि परीक्षाओं की पवित्रता बनी नहीं रहेगी तो उनके बच्चों को आगे बढ़ने का भी रास्ता बंद हो जाएगा। जिलाधिकारी मनीष कुमार के अनुसार जिले में होने वाली कोई भी परीक्षा की गरिमा, पवित्रता एवं पारदर्शिता को बनाए रखने की हमारी पूरी जिम्मेदारी ही नहीं यह हमारी कार्य संस्कृति भी होनी चाहिए। यह परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों की परीक्षा ही नहीं बल्कि जिला प्रशासन की भी परीक्षा है, कि हम परीक्षा की पवित्रता व पारदर्शिता के वातावरण में संपन्न करा कर आम परीक्षार्थियों का व्यवस्था में कितना विश्वास पैदा कर सकते है?

जिले के एक दर्जन परीक्षा केंद्रों में 3426 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। एक पाली में होने वाली यह परीक्षा सुबह 11:00 से 1:00 बजे तक होगी तथा सुबह 9:30 बजे परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षाओं के संचालन के लिए एडीएम जयवर्धन शर्मा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

चंपावत में जवाहर नवोदय विद्यालय, जीआईसी, जीजीआईसी, होली विजडम स्कूल मानेसर, मल्लिकार्जुन स्कूल, विवेकानंद विद्या मंदिर जूप,यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल के अलावा लोहाघाट में जीआईसी, जीजीआईसी, राजकीय पीजी कॉलेज, विवेकानंद विद्या मंदिर एवं ऑकलैंड पब्लिक स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों, सेक्टर मजिस्ट्रेटो एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में परीक्षाओं की तैयारी को अंतिम रूप दिया गया। परीक्षार्थियों के आवागमन,पेयजल,शौचालय आदि की कोई भी असुविधा न हो। इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।परीक्षा केंद्रों में निषेधाज्ञा लागू हो गई है। परीक्षाओं के पवित्रता को प्रभावित करने वाले हर संभावित ठिकानों में पेनी नजर रखी गई है। परीक्षा केंद्रों में बिना अनुमति के कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता है। हर केंद्र के आस पास कड़ा पहरा रहेगा तथा सादी वर्दी में पुलिस व खुफिया तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

Jaya punetha editor in chief ।

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