मा.मुख्यमंत्री के आदर्श चम्पावत विजन को मिली नई गति, जनपद के विद्यालयों हेतु भूमि हस्तांतरण को मिली स्वीकृति।

चम्पावत, 20 जून 2026

*मा.मुख्यमंत्री के आदर्श चम्पावत विजन को मिली नई गति, जनपद के विद्यालयों हेतु भूमि हस्तांतरण को मिली स्वीकृति*

*शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात:विद्यालयों के लिए भूमि हस्तांतरण को मिली मंजूरी*

मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने तथा आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद चम्पावत के पूर्णागिरि तहसील(टनकपुर),चम्पावत तहसील एवं लोहाघाट तहसील की विभिन्न राजस्व ग्रामों में स्थित राज्य सरकार की भूमि को विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड के नाम निःशुल्क हस्तांतरण एवं नामांतरण की स्वीकृति मिल गई है।

इसी क्रम में विद्यालयों के परिसरों के विस्तार देने हेतु पूर्णागिरि (टनकपुर) तहसील के राजस्व ग्राम पोथ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय खिरद्वारी एवं राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय परिसर हेतु 0.310 हेक्टेयर तथा काण्डा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय श्यामलाताल में परिसर हेतु 0.040 हेक्टेयर भूमि की स्वीकृति मिल गई है। इसी प्रकार चम्पावत तहसील के ग्राम मंच में राजकीय इंटर कॉलेज मंच के लिए 0.196 हेक्टेयर तथा ग्राम नाग में राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय नाग के लिए 0.070 हेक्टेयर भूमि परिसर हेतु हस्तांतरित की गई है। वहीं लोहाघाट तहसील के ग्राम बिण्डातिवारी में राजकीय विद्यालय टाकना तथा ग्राम में राजकीय विद्यालय पटोली के लिए 0.030-0.030 हेक्टेयर भूमि स्वीकृत की गई है। इस निर्णय से विद्यालयों के आधारभूत ढांचे के विकास, परिसरों के विस्तार तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद में शिक्षा, आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विद्यालयों को पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने से भविष्य में आवश्यक विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा ग्रामीण एवं सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने बताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित शर्तों एवं प्रावधानों के अनुरूप संपादित की जाएगी तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने और आदर्श चम्पावत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा।

Jaya punetha editor in chief ।

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