*लोहाघाट के मेडिकल प्रतिष्ठानों पर औषधि नियंत्रण विभाग की छापेमारी, एमटीपी किट की अवैध बिक्री और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई*।

चंपावत 10 अप्रैल 2026

*लोहाघाट के मेडिकल प्रतिष्ठानों पर औषधि नियंत्रण विभाग की छापेमारी, एमटीपी किट की अवैध बिक्री और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई*

अपर आयुक्त एवं उप औषधि नियंत्रण, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन देहरादून के आदेशों तथा जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में औषधि नियंत्रण विभाग चंपावत द्वारा लोहाघाट क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाया गया। यह अभियान एमटीपी किट की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने और औषधि मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित किया गया। इस कार्रवाई के अंतर्गत औषधि निरीक्षक चंपावत हर्षिता द्वारा क्षेत्र के दो थोक और तीन खुदरा मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण की इस प्रक्रिया के दौरान औषधि निरीक्षक ने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनकी सुचारू रिकॉर्डिंग व्यवस्था की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन, मियादी समाप्त औषधियों के सुरक्षित पृथककरण तथा दवाओं से संबंधित समस्त आवश्यक दस्तावेजों और पंजिकाओं के रखरखाव का गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया। कार्रवाई के क्रम में एक मेडिकल स्टोर पर मौके पर पंजीकृत फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं पाया गया, जिस पर संबंधित प्रतिष्ठान को तत्काल नोटिस जारी किया गया। इसके अतिरिक्त एक अन्य फर्म में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के फलस्वरूप विभाग द्वारा उस फर्म के दैनिक क्रय-विक्रय पर तीन दिनों के लिए पूर्णतः रोक लगा दी गई है।

अभियान के दौरान सभी मेडिकल फर्म स्वामियों को चेतावनी देते हुए लाइसेंस की शर्तों और औषधि मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवाओं की गुणवत्ता और नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी जनपद के अन्य क्षेत्रों में इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इसके साथ ही औषधि निरीक्षक द्वारा सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि यदि उन्हें किसी भी औषधि की प्रमाणिकता पर संदेह हो, तो इसकी सूचना तत्काल औषधि नियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराएं।

इस दौरान सहायक खाद्य संरक्षण एवं औषधि प्रशासन श्री दिनेश फर्त्याल मौजूद रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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