सड़क न होने का दंश!! जहां नहीं है बालिकाएं दसवीं पास।

Spread the love

मानेश्वर समाचार।

17 अगस्त 2025

सड़क न होने का दंश!! जहां नहीं है बालिकाएं दसवीं पास।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमलीजामा पहने का इंतजार कर रहे हैं ग्रामीण।

लोहाघाट: एक तरफ राज्य सरकार प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों को सड़कों से जोड़कर पहाड़ों से पलायल रोकने, युवाओं को रोजगार तथा कृषि क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाने के दावे करती रही है, वहीं दूसरी ओर पाटी ब्लॉक के सदूरवर्ती गांव पटनगांव, गीजू-बसान, बांस-बस्वाड़ी, जमनटाक, डौड, घिंघारूकोट जैसे कई गांव आज भी सड़क सुविधा से बंचित हैं। सड़क से होने वाली कई दिक्कतों ने यहां से पलायन के मार्ग खोल दिए हैं। इन क्षेत्रों में फल-सब्जियां का व्यापक उत्पादन होता है लेकिन लोग हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद अपने उत्पादन को पानी के मोल बेचने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल घिंघारुकोट बांस-बस्वाड़ी सड़क बनने से जहां यहां के लोगों की ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने की दूरी 7 किमी में सिमट जाएगी, जबकि वतर्मान में 5 किमी पैदल चलने के बाद 26 किमी सफर वाहन से तय करना पड़ रहा है। सड़क के अभाव की पीड़ा को इस बात से भी समझा जा सकता है कि इन गांवों में कोई भी बालिक हाईस्कूल पास नहीं है।मुख्यमंत्री द्वारा यहां के लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए ही घिंघारुकोट बांस-बस्वाड़ी, तक 4 किमी सड़क बनाने की घोषणा की है थी। तब लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, लेकिन इस सड़क का सरकारी दावपेंच में फंसने से लोगों की खुशियां निराशा में बदल गई हैं। निराश ग्रामीणों ने अब यहां के लोगों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार से मिलने का मन बनाया हुआ है।

Jaya punetha editor in chief ।