रीठासाहिब में गुरु घर में हुए चमत्कार को देखकर गुरुकुलम अकादमी के बच्चे हुए अविभूत।

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रीठासाहिब में गुरु घर में हुए चमत्कार को देखकर गुरुकुलम अकादमी के बच्चे हुए अविभूत।

शैक्षिक भ्रमण पर आए बच्चों ने गुरुद्वारा परिसर का भ्रमण कर उनका बढ़ा, ईश्वरीय सत्ता पर विश्वास।

लोहाघाट। मीठे के चमत्कार के लिए दुनिया में प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्रीरीठासाहिब में आज जिले की प्रमुख शिक्षण संस्था गुरुकुलम एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने अपनी आंखों से उस चमत्कार को देखा जिसमें गुरु नानक देव महराज ने चौथी उदासी के दौरान यहां का भ्रमण कर अपनी आध्यात्मिक शक्ति के बल पर कड़वे रीठे में मिठास भर दी थी। आज वही मीठे रीठे का फल यहां प्रसाद के रूप में दिया जाता है। विद्यालय के प्रबंधक राजेश पांडे एवं प्रधानाचार्य भास्कर चौबे के नेतृत्व में विद्यालय के छठी से 11वीं कक्षा तक के बच्चों ने यहां गुरु घर के में हुए चमत्कारों के बारे में बड़ी दिलचस्पी ली। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने गुरुद्वारे के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार गुरु नानक देव जी महाराज के इस स्थान में चरण पढ़ने से यह धरती दिव्य व पावन हो गई थी। यह चमत्कार उस समय हुआ था जब गुरु नानक देव जी यहां सत्संग कर रहे थे और उनके शिष्य मर्दाना को भूख लगी, वहां खड़े रीठे से लदे पेड़ की ओर इशारा करते हुए गुरु महाराज ने उन्हें वहां से फल खाने को कहा। लेकिन जब उसे फल खाने को कहा गया तो खाने के बाद कड़वे रीठे में छुहारे जैसी मिठास भरी हुई थी। यही गुरु महाराज की आध्यात्मिक शक्ति का चमत्कार था।

लधियाघाटी का यह क्षेत्र ऐसा अन्नपूर्णा है कि यहां की धरती सोना उगलती है। यहां का दृश्य हर व्यक्ति को प्रकृति के आगोश में बांध लेता है। बच्चों ने अपने भ्रमण के दौरान तमाम सवाल गुरुद्वारा प्रबंधक एवं अपने शिक्षकों से किए तथा उनकी जिज्ञासा को शांत किया गया। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य देखने लायक था। बच्चों ने दीवान हांल में मत्था टेक कर सबकी भलाई के लिए मन्नत मांगी। लधिया व रतिया नदी के संगम मैं भी खूब मनोरंजन किया। गुरुद्वारे में सभी बच्चों को रीठा एवं हलवे का प्रसाद दिया गया। बाबा श्याम सिंह ने सभी बच्चों को जीवन का ऊंचा लक्ष्य निर्धारित करने का आशीर्वाद देते हुए कहा कि आप लोग जहां कहीं भी पढ़ते हैं हमेशा अपने माता-पिता व गुरु को सम्मान देकर आगे बढ़े। इस भ्रमण में गुरुकुलम के प्रशांत पांडे, प्रदीप कुमार, रियाज अहमद, रेनू गडकोटी, सविता रावत, रेखा बोरा, महेंद्र जोशी, सीबी गहतोड़ी, कविता आदि लोग शामिल थे।

Jaya punetha editor in chief ।