चम्पावत पुलिस करती है निस्वार्थ रूप से विपत्ति में फसे लोगों की मदद, बदले में मिलती है उन्हें असंख्य दुआएं।

मानेश्वर समाचार।

19 जून 2025

चंपावत: विपत्ति में फंसे लोगों को जब संस्कारों में तराशे गए पुलिस कर्मियों को मिलने लगती है उनकी दुआएं।

चम्पावत पुलिस करती है निस्वार्थ रूप से विपत्ति में फसे लोगों की मदद, बदले में मिलती है उन्हें असंख्य दुआएं।

 

चंपावत। मॉडल जिले की पुलिस ऐसे संस्कारों में तराशी गई है जहां वह सेवा करती है, वहां बदले में उन्हें मिलती है दुआएं। जिसको रुपए पैसों से नहीं खरीदा जा सकता और नहीं इसका कोई बाजार होता है। विगत दिवस मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले तीर्थ यात्रि पहाड़ी में हुई मूसलाधार वर्षा के तेज प्रवाह में उस समय फस गए जब उनके सामने एक ओर मौत थी दूसरी ओर मां पूर्णागिरि का सहारा। ऐसी स्थिति में पुलिस के जवान उन्हें बचाने पहुंच गए। इन जवानों ने आपदा में फंसे लोगों से बहन, बेटा बेटी, चाचा चाची, माता पिता का रिश्ता जोड़कर उनको बचाने का कार्य शुरू कर दिया। लखनऊ, बहराइच, रायबरेली के तीर्थ यात्रियों को पुलिस कर्मियों की निस्वार्थ सेवा ने इतना प्रभावित कर दिया कि वह उन्हें ढेर सारी दुवाएं देकर गए। पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने जिले का कार्यभार संभालने के बाद पुलिस को ऐसे आचार विचार व संस्कारो में तराशा है जहां वे अपनी सेवाओं से लोगों का आशीर्वाद प्राप्त करते रहते है। जिसे पाने के लिए अन्य लोग तरसते रहते हैं।

 

फोटो_ विभिन्न रूपो में आपदा में फंसे लोगों को रेस्क्यू करते पुलिस के जवान।

चम्पावत पुलिस करती है निस्वार्थ रूप से विपत्ति में फसे लोगों की मदद, बदले में मिलती है उन्हें असंख्य दुआएं।

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पुलिस अधीक्षक ने लीडिंग फायरमैन को किया निलंबित।

 

चंपावत। लीडिंग फायरमैन को प्रभारी एफएसओ से दुर्व्यवहार करना काफी महंगा पड़ा है। चार धाम ड्यूटी में गए लीडिंग फायरमैन राजेश कार्की के द्वारा विगत दिवस प्रभारी एफएसओ से फोन में दुर्व्यवहार किया। जिसे पुलिस अधीक्षक द्वारा गंभीरता से लेते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी के अनुसार मॉडल जिले में पहले से ही पुलिस कर्मियों को हर व्यक्ति से आत्मीय एवं मधुर व्यवहार करने के लिए बराबर हिदायते दी जाती रही। ऐसे माहौल में जहां पुलिस के हर कार्य की जनता द्वारा प्रशंसा की जा रही हो, ऐसे में वाणी की दरिद्रता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

Jaya punetha editor in chief ।

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