ग्राम दियूरी में खनन परियोजना हेतु लोक सुनवाई सम्पन्न, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय विकास पर हुआ व्यापक मंथन।

चम्पावत 07 मई, 2026

*ग्राम दियूरी में खनन परियोजना हेतु लोक सुनवाई सम्पन्न, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय विकास पर हुआ व्यापक मंथन*

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में चम्पावत के ग्राम दियूरी में मैसर्स भारत कंस्ट्रक्शन की प्रस्तावित रेत, बजरी एवं बोल्डर खनन परियोजना (क्षेत्रफल 1.29 हेक्टेयर) के संबंध में लोक सुनवाई का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए परियोजना के पर्यावरणीय, सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

लोक सुनवाई का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना, स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों एवं सुझावों को सुनना तथा विकास और पर्यावरणीय संतुलन के मध्य समन्वय स्थापित करना रहा।

पर्यावरण सलाहकार श्री संदीप चौधरी ने परियोजना के तकनीकी एवं पर्यावरणीय पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना केंद्र सरकार की ईआईए (EIA) अधिसूचना के अंतर्गत श्रेणी ‘बी-1’ में सम्मिलित है। उन्होंने कहा कि खनन कार्य पूर्णतः मैन्युअल पद्धति से किया जाएगा, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। साथ ही वायु गुणवत्ता बनाए रखने हेतु नियमित जल छिड़काव, संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण तथा धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ‘कॉर्पोरेट पर्यावरण दायित्व’ (CER) के अंतर्गत क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण की कार्ययोजना भी प्रस्तावित की गई है।

लोक सुनवाई के दौरान ग्राम दियूरी एवं आसपास के क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने परियोजना का समर्थन करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

ग्रामीणों द्वारा नदी तटवर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, तटबंध निर्माण एवं निजी भूमि के कटाव को रोकने हेतु प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाने का सुझाव भी दिया गया। इस पर अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि खनन कार्य केवल स्वीकृत सीमा के भीतर ही संचालित होगा तथा सभी तकनीकी एवं पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

जिला खान अधिकारी ने कहा कि परियोजना के संचालन के दौरान यह विशेष ध्यान रखा जाएगा कि नदी के प्राकृतिक बहाव, निजी कृषि भूमि एवं ग्रामीण बस्तियों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। इसके लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय एवं निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।

इस अवसर पर क्षेत्रीय अधिकारी (उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) श्री अनुराग नेगी, पर्यावरण सलाहकार श्री संदीप चौधरी, मैसर्स भारत कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि, ग्राम दियूरी एवं बेलखेत के प्रधान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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