जनता दरबार जन समस्याओं के निस्तारण का बना सशक्त माध्यम। आज चार दर्जन समस्याओं का किया गया त्वरित समाधान।
अधिकारी आम लोगों से संवाद कर जनता का अर्जित करें विश्वास- जिलाधिकारी।
चंपावत। विभिन्न विभागों द्वारा आम लोगों के लिए जो कार्य कराए जा रहे हैं उसकी गुणवत्ता का प्रमाण पत्र वही लोग देंगे, जिनके लिए वह योजनाएं बनाई जा रही है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिनके लिए योजना बनाई गई है यदि वह उसे सही मानते हैं तो तभी माना जाएगा कि उन्होंने सही काम किया है। यह बात जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से सीधा संवाद करने के बजाय उनका फोन न उठाने की प्रवृत्ति पर रोष प्रकट किया। यदि उस वक्त व्यस्त रहते हैं, तो कॉल बैक अवश्य किया जाना चाहिए। संवाद से विवाद समाप्त होने में मदद मिलती है। जनता दरबार में छतोली गांव में एक सप्ताह में जल संयोजन देने, रंजीत को पीएम आवास की सुविधा मिलने, चंपावत में रास्ते के विवाद से पिछले कई वर्षों से तनावपूर्ण जीवन झेल रही प्रेमा सुतेडी को उस वक्त बड़ी राहत मिली जब जिलाधिकारी ने उसके अभिलेखों का अध्ययन करने के बाद बताया कि आपका पैदल रास्ता पूर्ववत रहेगा। जिसमें आपका हक होगा। मटियानी की आपदा ग्रस्त व्यक्ति के विस्थापन स्थल में गौशाला की व्यवस्था करने,सोना उगलने वाली भंडारबोरा गांव में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, एड़ी से बूंगा चेकुनी तक पैदल रास्ते एवं 800 मीटर सड़क स्वीकृति दी गई। जनता मिलन कार्यक्रम में चार दर्जन शिकायत दर्ज की गई, जिसमें सभी समस्याओं का मौके में ही समाधान कर लोगों को राहत दी गई।
जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन की प्रत्येक योजना में बोर्ड लगाकर पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा “मेरी योजना उत्तराखंड” किताब को प्रत्येक ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को अवश्य पढ़ना चाहिए। इससे उन्हें पूरी जानकारी मिलेगी तथा हर कार्य में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी। यह किताब हर ब्लॉक कार्यालयों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने रायकोट कुंवर जिला पंचायत क्षेत्र की सभी पेयजल योजनाओं का सोशल ऑडिट करने का भी आदेश दिया। जब तक उनकी योजनाओ पर जनता की मोहर नहीं लगेगी तब तक भुगतान की प्रक्रिया नहीं होगी। उन्होंने सिमलटुकरा गांव में स्कूल भवन की छत टपकने की घटना को गंभीरता से देते हुए जांच के आदेश दिए।
जनता दरबार में फरियादियों के लिए कम पड़ गया स्थान।
चंपावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार की “क्विक एक्शन” की कार्य संस्कृति से लगातार आम लोगों का विश्वास बढ़ता जा रहा है। जिलाधिकारी ने समस्या के समाधान के लिए समय सीमा निर्धारित की। तथा अधिकारियों से कहा कि आम लोगों का प्रशासन में विश्वास बनाये रखने के लिए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर अधिकारी को संवेदनशील बनना होगा।
जब डीएम ने एक बच्चे के ऑपरेशन में हुए खर्च को स्वयं वहन करने को कहा!
चंपावत। जनता दरबार में उस समय अजीब सी स्थिति पैदा हो गई, जब एक बच्चे का 24 सितंबर को जिला अस्पताल में ऑपरेशन करने का जिलाधिकारी द्वारा सीएमओ को आदेश दिया गया था। जिसमें स्वयं सीएमओ ने उस कार्य को अंजाम देने की भी बात कही थी। लेकिन आज फरियादी ने कहा कि बच्चे का ऑपरेशन तो नहीं किया लेकिन वार्तालाप में भी कड़वाहट देखने को मिली। जिसे देखकर वह अपने बच्चे का ऑपरेशन कराने के लिए खटीमा ले गया। जिलाधिकारी ने कहा क्योंकि मेरे निर्देश के बाद भी बच्चे का ऑपरेशन नहीं हुआ, जिसके लिए मैं अपने को दोषी मानते हुए उस बच्चे के उपचार पर खर्च हुई धनराशि को स्वयं उठाऊंगा। ऐसा कहने के बाद पूरे दरबार में सीएमओ डॉ देवेश चौहान शर्मसार हो गए। जिलाधिकारी का कहना था कि आम लोगों का जिला प्रशासन से यदि विश्वास डगमगा जाता है तो हम सबके लिए इससे बड़ी शर्म की बात दूसरी कोई नहीं हो सकती।
jaya punetha editor in chief ।




