पांच सौ साल पुराने नौले का जीर्णोद्धार करने की श्री पंत को मिली ईश्वरीय प्रेरणा ।
लोहाघाट । देवभूमि के कण-कण में ईश्वरीय सत्ता के दर्शन होते हैं। पहले यहां के लोग नौले, धारों का निर्माण कर उसे भगवान को समर्पित करने के बाद ही उसका जल अमृत समझ कर पिया करते थे । ग्राम पंचायत छुलापैं में पांच सौ साल पूर्व बने भगवान विष्णु को समर्पित नौले की तरफ लोगों ने तब पीठ कर दी जब गांव में नल से पानी मिलने लगा । जिससे वह बंजर पड़ गया। हालांकि पहले पूर्व प्रधान रमेश चंद्र पंत द्वारा व्यक्तिगत रूप से नॉले का रखरखाव किया करते थे। उसके बाद यह नौला फिर बंजर पड़ गया था। बाद में यहां के गंगा दत्त पंत को सपने में उक्त नॉले को साफ करने की प्रेरणा मिली। श्री पंत को ईश्वरीय आदेश मिलने के बाद अपनी धर्मपत्नी उषा पंत को साथ लेकर उसमें रंग रोगन कर चमका दिया। वहां पहले से विद्यमान भगवान विष्णु की मूर्ति की भी सफाई कर, अब रोज उसमें पूजा करने के बाद गांव के लोग इस अमृत जल को ले जा रहे हैं। श्री पंत ने यही नहीं इस स्थान से डेढ़ सौ मीटर दूर पूर्वजों के समय से चले आ रहे (धारे) का भी कायाकल्प कर दिया है।
श्री पंत इससे पूर्व बाहर रहा करते थे। लेकिन उनका गांव से बराबर लगाव बना रहता था। उनका कहना है की नौले – धारे हमारे पूर्वजों की ऐसी विरासत है, जो शताब्दियों से हमारी प्यास बुझाते आ रहे हैं। इन्हें पहली बार लोगों ने अपने गांव का प्रधान बनाया है। श्री पंत अपनी ग्राम पंचायत को आदर्श रूप देना चाहते हैं। हालांकि अभी इन्होंने संवैधानिक रूप से शपथ नहीं ली है अलबत्ता इन्होंने अपने गांव को “मौडल” विलेज की शक्ल देने की कवायत शुरू कर दी है।
Jaya punetha editor in chief ।




