चम्पावत,
*मा. मुख्यमंत्री की घोषणाओं एवं महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा, जिलाधिकारी ने कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश*
*जनपद में 25 करोड़ से अधिक लागत की प्रमुख विकास परियोजनाओं की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा*
*मैनपावर और मशीनरी बढ़ाकर निर्माण कार्यों में तेजी लाएं, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो : जिलाधिकारी*
मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद चम्पावत में संचालित महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों, मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित योजनाओं, सड़क सुधारीकरण एवं पैचवर्क, बाढ़ सुरक्षा कार्यों, पेयजल परियोजनाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 25 करोड़ रूपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भौतिक प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लगभग 256 करोड़ रूपये की लागत से छमनिया में निर्माणाधीन प्रदेश के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, 240.26 करोड़ रूपये की चम्पावत पेयजल आपूर्ति परियोजना, 220 करोड़ रूपये की लागत से बनबसा में 220/33 केवी जीआईएस उपसंस्थान एवं लाइन निर्माण कार्य, 177.25 करोड़ रूपये की लागत से जगबूड़ा सेतु, 171.52 करोड़ रूपये की टनकपुर पेयजल आपूर्ति परियोजना, 84.45 करोड़ रूपये की लोहाघाट टाउन पंपिंग पेयजल योजना, 62.34 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणाधीन सिटी सेंटर, 61.80 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर में निर्माणाधीन नवीन राज्य अतिथि गृह, लगभग 56 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणाधीन साइंस सेंटर, 48.37 करोड़ रूपये की लागत से ग्राम पंचायत नायकगोठ के किरोड़ा नाले में स्पान पुल तथा लगभग 43 करोड़ रूपये की लागत से देवीधुरा–लोहाघाट–पंचेश्वर मोटर मार्ग पर डीबीएम एवं बिटुमिनस कंक्रीट से किए जा रहे सुधारीकरण कार्य सहित 25 करोड़ रूपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति, अब तक पूर्ण किए गए कार्य, निर्माण की गति एवं निर्धारित समयसीमा की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यकता के अनुरूप मैनपावर एवं मशीनरी बढ़ाकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं से आमजन को सीधे पेयजल, सड़क, खेल, ऊर्जा, आवागमन एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलना है, उनके क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने सड़क सुधारीकरण एवं पैचवर्क के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ सुरक्षा कार्यों एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाने से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्माण में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, अधिशासी अभियंता एनएच विभोर गुप्ता, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी चंपावत हितेश कांडपाल, लोहाघाट मयंक तिवारी, डीईएसटीओ दीपकीर्ति तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर यूयूएसडीए अंकित आर्य, प्रोजेक्ट मैनेजर सीएनडीएस गिरीश पंत, अधिशासी अभियंता जल निगम अशोक स्वरूप, टीम लीडर शारदा परियोजना सत्यजीत राय गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर अंकित बंसल, मयंक मित्तल,अधिशासी अभियंता सिंचाई रघुवर दत्त भट्ट सहित संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




