नेपाल में चल रहे हालातों को देखते हुए पुलिस और एसएसबी हुई हाई अलर्ट मोड में  ।

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11 सितंबर 2025

नेपाल में चल रहे हालातों को देखते हुए पुलिस और एसएसबी हुई हाई अलर्ट मोड में

90 फीसदी कम हुई दोनों ओर से आवाजाही

रिद्धिम अग्रवाल ने सीमावर्ती क्षेत्र का दौरा कर लिया स्थित का जायजा

चंपावत। पड़ोसी देश नेपाल में अशांत माहौल होने के कारण भारत नेपाल सीमा का विभाजन करने वाली महाकाली नदी के 90 किलोमीटर के दायरे में चंपावत जिले की सीमा लगने के कारण सीमा में तैनात पुलिस एसएसबी हाई अलर्ट मोड में है, तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में आर पार जाने वालों की सघन निगरानी वह चेकिंग की जा रही है पुलिस एवं एसएसबी दोनों ही सुरक्षा बल संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग कर रहे हैं।एसपी अजय गणपति के साथ आईजी ने सीमावर्ती क्षेत्रों की ताजा स्थिति का जायजा कर सघन निगरानी किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने सीमा में तैनात एसएसबी से तालमेल कर स्थित पर पैनी नजर रखने के साथ हर वक्त हाई अलर्ट मोड पर रहने के भी आदेश दिए।पुलिस अधीक्षक के अनुसार इस बीच सीमा में सघन एवं कड़ी निगरानी रखी जाने से 90 फ़ीसदी से अधिक लोगों की आवाजाही बंद हो चुकी है। नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में बनबसा टनकपुर तामली एवं पंचेश्वर में पुलिस थाने इसी प्रकार बूम मनिहार गोठ,बनबसा बैराज, रौंशाल ,मंडलक आदि स्थानों में चौकियां हैं । एसएसबी की पांचवी एवं 57वीं वाहनी के अधीन जिले में 9 बॉर्डर आउट पोस्ट हैं, हालांकि बनवास में ही एकमात्र पारगमन क्षेत्र है, किंतु नेपाल सरकार द्वारा रोलघाट धर्मघाट,काकड़ी, टिंबर ,नगरूघाट, कुशमोद घाट आदि ऐसे महाकाली नदी में घाट हैं जहां नेपाल सरकार द्वारा किश्तियों के जरिए लोगों का पारगमन कराया जाता है। आए दिनों नेपाल में चल रहे अशांत वातावरण का सीधा असर सीमावर्ती लोगों के पेट पर भी पड़ा है, इधर वहां की स्थिति एवं परिस्थितियों को भारत में भी दावत दिए जाने के लिए अराजक तत्वों के प्रयासों पर भी पुलिस बराबर नजर रख रही है। सोशल मीडिया में भी पुलिस की निगरानी लगातार बनी हुई है

राजशाही समाप्त होने के बाद से हुआ नेपाल अशांत

चंपावत। नेपाल में चल रही अशांति पर यहां नेपाली मूल के श्रमिक भी बराबर अपने देश के हालातो पर नजर रखे हुए हैं उनका मानना है कि नेपाल में राजशाही समाप्त होने एवं धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित किए जाने के बाद वहां अशांति को दावत मिली है। कैलानी टिकापुर के युवा रोशन एवं बजूरा जिले के दिल बहादुर का कहना है कि वैसे तो स्थाई शांति के लिए राजशाही की वापसी होनी चाहिए यदि प्रधानमंत्री ही बना है तो हमें मोदी जैसे ही प्रधानमंत्री की आवश्यकता है ।

Jaya punetha editor in chief ।