किसानों को राहत में देरी नहीं, एक हफ्ते में क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करें — जिलाधिकारी मनीष कुमार।

चम्पावत 05 मई 2026

*किसानों को राहत में देरी नहीं, एक हफ्ते में क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करें — जिलाधिकारी मनीष कुमार*

*आपदा प्रबंधन में राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी तय, हर आपदा पर तत्काल निरीक्षण त्वरित राहत के निर्देश*

जनपद में विगत दिवसों में हुई भारी वर्षा के कारण काश्तकारों की फसलों को हुए नुकसान के परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित कृषकों को राहत प्रदान करने में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा एक सप्ताह के भीतर सभी पात्र काश्तकारों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की हर स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुंचाना होना चाहिए।

उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षा से हुए फसल नुकसान का गंभीरता से आकलन करते हुए प्रभावित काश्तकारों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने इस प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध ढंग से संचालित करने पर विशेष बल दिया, ताकि कोई भी पात्र कृषक राहत से वंचित न रह जाए।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि क्षतिपूर्ति वितरण के लिए एक सुदृढ़ एवं प्रभावी मैकेनिज्म विकसित किया जाए, जिससे राहत राशि सीधे एवं शीघ्रता से लाभार्थियों तक पहुंचे।

उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करते हुए फसल नुकसान के आकलन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को गति दें तथा प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करें।

आपदा प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त निर्देश जारी किए।

उन्होंने कहा कि आपदा की किसी भी घटना “चाहे वह दीवार गिरने, मकान क्षति, पेड़ गिरने या अन्य किसी प्रकार की हानि से संबंधित हो” की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित राजस्व कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण (मुआयना) करना सुनिश्चित करें।

समयबद्ध एवं त्वरित कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पटवारी अपने कार्यक्षेत्र में 6 घंटे के भीतर, संबंधित तहसीलदार 12 घंटे के भीतर तथा उपजिलाधिकारी 24 घंटे के भीतर घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।

मानव हानि की स्थिति को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ऐसी स्थिति में संबंधित उपजिलाधिकारी एक घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपदा की स्थिति में पूर्ण सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी श्री कृष्ण नाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी विपिन पंत, उपजिलाधिकारी नीतू डागर सहित जनपद के समस्त तहसीलदार, कानूनगो एवं पटवारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

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