*जिला उद्योग मित्र बैठक में निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश, निर्यात नीति और स्वरोजगार योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा*।

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चम्पावत 27 सितंबर 2025

*जिला उद्योग मित्र बैठक में निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश, निर्यात नीति और स्वरोजगार योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा*

जिला उद्योग मित्र की बैठक जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ जनपद के उद्योग बंधु भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य निवेशकों की समस्याओं का समाधान, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना तथा स्थानीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में ठोस कदम उठाना था।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेशकों की किसी भी शिकायत को कोई भी विभाग हल्के में न ले। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और निवेश से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा और जिले में निवेश की संभावनाएं और अधिक बढ़ेंगी।

बैठक के दौरान बताया गया की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अब तक जनपद में 145 ऋण आवेदन पत्र बैंकों द्वारा वितरित किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने शेष आवेदनों को शीघ्रता से निपटाने के साथ-साथ बैंक ऋण वितरण की प्रक्रिया को और सरल एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वरोजगार योजनाएं में ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्वरोजगार की तलाश कर रहे उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाए।

इसके अतिरिक्त बैठक में उत्तराखंड निर्यात नीति के तहत जनपद स्तर से तैयार किए गए ड्राफ्ट पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस ड्राफ्ट में चाय, शहद, घी, दालचीनी, तेजपात, छुरपी और लौह उत्पादों को प्रमुख निर्यात उत्पादों के रूप में चिह्नित किया गया है। निवेशकों और उद्योग बंधुओं ने सुझाव दिया कि जनपद से मसाले, बड़ी इलायची, हल्दी, तेजपात, लेमनग्रास सहित अन्य उत्पादों का निर्यात भी बड़ी संभावनाएं रखता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि –

“चम्पावत जनपद के पास प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय उत्पादों की अपार संभावनाएं हैं। यदि हम इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाते हैं तो न केवल जिले की पहचान बनेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर भी कई गुना बढ़ेंगे।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्यात संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेज किया जाए। साथ ही, किसानों और उद्यमियों को आवश्यक प्रशिक्षण, विपणन सुविधा और ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं।

बैठक में मौजूद उद्योग बंधुओं ने भी जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि वे जिले के विकास में सहयोग देने के लिए तत्पर हैं। इस दौरान उद्योग बंधुओं ने उद्योग से सम्बन्धित कुछ परेशानियों को भी सामने रखा जिसपर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ० जी एस खाती, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पंकज तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेश चौहान, FIEO से मनीषा झा, हैंडिक्राफ्ट अल्मोड़ा से भावना, हेता से असीम रावत, ए के भूषण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।