किशोरों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, अभिभावक बरतें सावधानी : (एआरटीओ प्रवर्तन)*

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चम्पावत

*किशोरों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, अभिभावक बरतें सावधानी : (एआरटीओ प्रवर्तन)*

मा. सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सड़क सुरक्षा के संबंध में दिए गए निर्देशों के क्रम में जनपद चम्पावत में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज बगोरिया ने जनपदवासियों, विशेषकर अभिभावकों, विद्यालयों एवं वाहन स्वामियों से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न चलाने देने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि किशोर द्वारा वाहन चलाना कानूनन दण्डनीय अपराध होने के साथ-साथ उसके स्वयं के जीवन एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 199A के अंतर्गत यदि कोई किशोर वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो वाहन स्वामी अथवा अभिभावक को उत्तरदायी मानते हुए ₹25,000 तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान, वाहन का पंजीकरण 12 माह तक निलंबित किए जाने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही किशोर के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए उसे 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से भी वंचित किया जा सकता है।

एआरटीओ (प्रवर्तन )ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन की चाबी उपलब्ध न कराएं तथा उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की शुरुआत परिवार से होती है और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करे।

उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा जनपद में किशोर वाहन संचालन के विरुद्ध नियमित प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन स्वामी एवं अभिभावकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा के इस अभियान में सहयोग करते हुए नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

Jaya punetha editor in chief  ।