*पॉलीहाउस के सदुपयोग और ठोस फेंसिंग निर्माण पर जिलाधिकारी का जोर*।

चंपावत 11 अक्टूबर 2025

*पॉलीहाउस के सदुपयोग और ठोस फेंसिंग निर्माण पर जिलाधिकारी का जोर*

*एकीकृत खेती से आत्मनिर्भर किसान की दिशा में ठोस कदम — PMKSY 2.0 समीक्षा बैठक सम्पन्न*

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY 2.0) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, उद्यान, जल संस्थान, लघु सिंचाई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सारा, घेरबाड़, आलू उत्पादन, एकीकृत खेती, सिंचाई एवं लघु सिंचाई योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपने-अपने कार्यों की डीपीआर (DPR) शीघ्र तैयार कर शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि “जनपद में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि हेतु योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।”

जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग को निर्देशित किया कि पॉलीहाउस का पूर्ण सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इससे लाभान्वित हो सकें।

कृषि विभाग को उन्होंने निर्देश दिए कि चेन लिंक फेंसिंग के निर्माण कार्य में कंक्रीट बेस (Concrete Base) अवश्य बनाया जाए, ताकि आवारा पशुओं या सूअरों द्वारा फेंसिंग को नुकसान न पहुँचाया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि एकीकृत खेती के अंतर्गत क्षेत्र आधारित कृषि को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक प्रकार की फसल पर निर्भरता कम करते हुए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे किसानों की आत्मनिर्भरता और आमदनी दोनों में वृद्धि हो सके।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों को जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के लक्ष्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा कृषि आधारित नवाचारों और तकनीकी अपनाने पर विशेष बल दिया जाए, ताकि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ० जी एस खाती, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, जिला उद्यान अधिकारी हरीश कोहली सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Jaya punetha editor in chief ।

 

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